राष्ट्रीय

5 दिन में तैयार हुए एंटी-नारकोटिक्स कमांडो, 5 दिन के प्रशिक्षण के बाद संभालेंगे कमान

राजस्थान गवर्नमेंट ने गैरकानूनी नशीला पदार्थों की रोकथाम और नशे की बढ़ती परेशानी पर कारगर कार्रवाई करते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया. इस टास्क फोर्स से जुड़े सभी पुलिसवालों को पांच दिन तक जयपुर सिटी में विशेष प्रशिक्षण के कर जिले में भेजा गया

448 252 19058363 thumbnail 16x9 antf

WhatsApp Group Join Now

डीजीपी राजस्थान राजीव शर्मा ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय बैठक भवन में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पांच दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम के समाप्ति कार्यक्रम में भाग लिया. उन्होंने बोला कि नशा एक सामाजिक बुराई के साथ-साथ क्राइम भी है और इससे कई परिवार पीड़ित हैं. इस टास्क फोर्स से जुड़े जवानों को त्रिस्तरीय कार्यवाही के अनुसार नशे के एंट्री पोईंट्स पर नज़र रखते हुए वितरण तंत्र की पहचान करनी है तथा तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इसके विरुद्ध कार्यवाही करनी है. फिल्ड में जा कर क्षेत्रीय पुलिस के साथ बेहतर संपर्क और समन्वय के साथ कार्य करें तथा समाज की इस बड़ी परेशानी के निवारण के प्रति पूरे जोश और मन के साथ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें.

सुझाव दें, योगदान हम करेंगे समापन कार्यक्रम में डीजीपी ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए बोला कि वे फिल्ड में पूरी ऊर्जा के साथ कार्य करें और यूनिट के बेहतर प्रदर्शन के लिए अपनी तरफ से प्रशिक्षण, उपकरण और तकनीक की जरूरत पर अपने सुझाव दें, इनकी पूर्ति मुख्यालय द्वारा की जाएगी.

संवाद कर जाना, क्या नया सीखा

डीजीपी ने समाप्ति कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों से संवाद किया और पूछा कि उन्होंने इस प्रशिक्षण में क्या कुछ नया सीखा है. प्रशिक्षणार्थियों ने ड्रग्स के विभिन्न प्रकारों, युवाओं में बढ़ती विभिन्न प्रकार की नशे की प्रवृत्ति, नशे के उत्पादक स्रोतों और विदेशों से आ रही ड्रग्स के बारे में पहली बार जानकारी प्राप्त होने की बात कही. डीजीपी ने बोला कि वे अपनी ही भिन्न-भिन्न यूनिटों के साथ-साथ देशभर में इस कार्य से जुड़ी संस्थाओं की विजिट कर उनके अनुभवों का इस्तेमाल करें.

Back to top button