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केरल में किस मांग के चलते 13 दिनों से हड़ताल पर हैं आशा कार्यकर्ता…

केरल में आशा कार्यकर्ता पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन स्ट्राइक पर हैं. वे अपनी वेतन और सुविधाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं. शनिवार को कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक रमेश चेन्निथला ने राज्य सचिवालय के सामने धरना स्थल का दौरा किया और उनके समर्थन में अपनी एकजुटता दिखाई.

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चेन्निथला ने सीएम पिनाराई विजयन से अपील की कि वे हस्तक्षेप करें और स्ट्राइक को समाप्त कराएं. चेन्निथला ने प्रदर्शनकारियों से मिलने के बाद कहा, यदि सीएम पिनाराई विजयन हस्तक्षेप करें, तो यह विरोध केवल 30 मिनट में हल हो सकता है. गवर्नमेंट की जिम्मेदारी है कि वह इस वास्तविक परेशानी का निवारण निकाले, क्योंकि आशा कार्यकर्ता संकट के समय में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ रही हैं, चाहे वह Covid-19 महामारी हो या विध्वंसक बाढ़.

पूर्व राज्य मंत्री सी दिवाकरन ने भी बोला कि इन निर्बल आशा कार्यकर्ताओं की मांगें ठीक हैं और यदि सीएम पिनाराई विजयन चाहें, तो वह पांच मिनट में इसका निवारण कर सकते हैं. केरल भर से लगभग 26,000 आशा कार्यकर्ता बेहतर कामकाजी हालात और उचित मुआवजे की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही हैं.

गुरुवार को एसोसिएशन ने विरोध प्रदर्शन को अनिश्चितकालीन स्ट्राइक में बदल दिया और अपनी मांगें पूरी होने तक काम पर न लौटने की कसम खा ली. प्रदर्शन स्थल पर उपस्थित आशा कार्यकर्ता जीनत ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, हमें हर महीने सिर्फ़ 7,000 रुपये मिलते हैं. उससे कोई कैसे अपना घर चला सकता है? जब हम रिटायर होते हैं, तो हमें कुछ नहीं मिलता. हम गवर्नमेंट से बढ़ाए गए मानदेय और एकमुश्त सेवानिवृत्ति फायदा की घोषणा का प्रतीक्षा कर रहे हैं.

प्रदर्शनकारी अपनी मासिक तनख्वाह 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं. उनका रोष और बढ़ गया है, क्योंकि गवर्नमेंट कथित तौर पर स्ट्राइक में भाग लेने पर गंभीर रिज़ल्ट भुगतने की चेतावनी देकर प्रदर्शनकारियों को डराने की प्रयास कर रही है.

हाल ही में गवर्नमेंट द्वारा किए गए कुछ फैसलों ने उनकी निराशा और बढ़ा दी है, जिनमें केरल लोक सेवा आयोग के सदस्यों के वेतन में बड़ी बढ़ोतरी और दिल्ली में केरल के प्रतिनिधि केवी थॉमस के यात्रा भत्ते में बढ़ोतरी शामिल है.

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