आतिशी ने BJP पर वार करते हुए किया ऐलान, जल्द ही निलंबन पर राष्ट्रपति से करेंगी वार्ता
दिल्ली में विपक्ष की नेता आतिशी ने स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को लिखे एक पत्र में विधानसभा से आम आदमी पार्टी (आप) के 22 में से 21 विधायकों के निलंबन को अन्याय कहा है. आतिशी उन 21 विधायकों में से एक हैं जिन्हें आप के इस दावे के बाद स्पीकर ने निलंबित कर दिया था. वहीं, आतिशी ने इल्जाम लगाया कि भाजपा सोचती है कि राष्ट्र लोकतंत्र और संविधान से नहीं बल्कि तानाशाही से चलता है… और हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे. सीआरपीएफ की इतनी टीमें क्यों जुटी हैं?

आतिशी ने बोला कि हम आप विधायक राष्ट्रपति से मिलने जा रहे हैं क्योंकि संविधान और लोकतंत्र को बचाने की जिम्मेदारी राष्ट्रपति की है. आप विधायक गोपाल राय ने बोला कि भाजपा का रवैया काम करने का कम और AAP को गाली देने का अधिक लग रहा है. लोगों ने भाजपा को सत्ता में इसलिए बिठाया है ताकि वो काम करें. वे सभी CAG रिपोर्ट पेश क्यों नहीं कर रहे हैं? उन्होंने बोला कि विपक्ष को इस पर अपनी बात रखने का मौका दें. भारतीय राजनीति में ऐसा पहली बार हो रहा है कि विपक्षी विधायकों को सदन में घुसने नहीं दिया जा रहा है.
विधानसभा अध्यक्ष को लिखे अपने पत्र में आतिशी ने दिल्ली विधानसभा में हुई घटनाओं पर चिंता व्यक्त की, जहां उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल के विधायकों को उनके विरोध प्रदर्शन के लिए भेदभावपूर्ण व्यवहार का सामना करना पड़ा. उन्होंने दावा किया कि आप विधायकों को उपराज्यपाल वी। के। सक्सेना के अभिभाषण के दौरान ‘‘जय भीम’’ के नारे लगाने के बाद निलंबित कर दिया गया, जबकि ‘‘मोदी-मोदी’’ का नारा लगाने वाले बीजेपी (भाजपा) विधायकों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई. टकराव तब और बढ़ गया जब आतिशी समेत निलंबित आप विधायकों को बृहस्तपिवार को महात्मा गांधी की प्रतिमा पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के लिए विधानसभा परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया.

