गवर्नमेंट ने संसद में कहा है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) मुगल शासक औरंगजेब के मकबरे को बचाने के लिए क्षेत्रीय जिला प्रशासन के साथ मिलकर सभी महत्वपूर्ण एहतियाती कदम उठा रहा है. केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गुरुवार को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी. दरअसल प्रश्न किया गया था कि औरंगजेब के मकबरे के संरक्षण की जिम्मेदारी एएसआई की है. ऐसे में हालिया धमकियों के बाद क्या एएसआई ने अपनी वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी है या नहीं.

सरकार ने कहा मकबरे की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए
इसके उत्तर में केंद्रीय मंत्री ने बोला कि औरंगजेब का औरंगाबाद के खुलदाबाद में स्थित मकबरा एएसआई संरक्षित है और इसकी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है. इसके साथ ही मकबरे की सुरक्षा के इंतजामों को लेकर भी प्रश्न किया गया. जिस पर केंद्रीय मंत्री ने बोला कि एएसआई लगातार एहतियाती कदम उठा रहा है और जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर रहा है ताकि मकबरे को किसी भी हानि से बचाया जा सके. मकबरे के चारों चरफ 12 फीट ऊंची धातु की चादर लगाई गई है. साथ ही घुसपैठ की किसी भी प्रयास को असफल करने के लिए तारबंदी की गई है. सरकारी के साथ ही निजी सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं. थोड़े थोड़े अंतराल पर निरीक्षण और जांच की जा रही है.
टिकटों की बिक्री से सबसे अधिक कमाई करने वाली धरोहर है ताजमहल
सरकार ने संसद में कहा कि राष्ट्र में टिकटों की बिक्री से सबसे अधिक कमाई करने वाली धरोहर ताजमहल है. केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि बीते पांच सालों में टिकटों की बिक्री से कमाई के मुद्दे में ताजमहल शीर्ष पर है. वहीं आगरा का ही आगरा किला और दिल्ली स्थित कुतुब मीनार दूसरी और तीसरी सबसे अधिक कमाई करने वाली एएसआई संरक्षित धरोहरें हैं. वित्तीय साल 2020-21 में तमिलनाडु का मल्लापुरम और कोणार्क का सूर्य मंदिर क्रमशः दूसरे और तीसरे जगह पर है. वित्तीय साल 2023-24 में कुतुब मीनार और लाल किला दूसरे और तीसरे जगह पर रहे.