तेलंगाना हाईकोर्ट से अविनाश रेड्डी को मिली राहत
हैदराबाद . तेलंगाना उच्च न्यायालय से शुक्रवार को वाईएस विवेकानंद रेड्डी मर्डर मुद्दे में कडप्पा सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी को राहत मिली. न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द करने की याचिका खारिज कर दी.

मामले में आरोपी से सरकारी गवाह बने शेख दस्तगिरी ने याचिका दाखिल की थी. न्यायमूर्ति के। लक्ष्मण ने पिछले महीने याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया था.
हाईकोर्ट ने इसी मुद्दे में अविनाश रेड्डी के पिता मीडिया रेड्डी को भी जमानत दे दी. उन्हें पहले स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत दी गई थी.
हालांकि, न्यायालय ने अन्य आरोपियों जी। उदय कुमार रेड्डी और सुनील यादव को जमानत देने से इनकार कर दिया.
दस्तगिरी की याचिका पर CBI ने भी उत्तर दाखिल किया और उसके वकील ने तर्क दिया कि अविनाश रेड्डी ने काफी असर डाला और मुद्दे में कुछ गवाहों को प्रभावित करने में सफल रहे.
विवेकानंद रेड्डी की बेटी वाईएस सुनीता रेड्डी ने भी अविनाश रेड्डी की अग्रिम जमानत के विरुद्ध याचिका दाखिल की थी.
हालांकि, अविनाश रेड्डी के वकील टी। निरंजन रेड्डी ने तर्क दिया था कि दस्तगिरी पहले से ही गवाह संरक्षण योजना के अनुसार सुरक्षा में थे.
हाईकोर्ट ने अविनाश रेड्डी को 31 मई 2023 को जमानत दे दी थी. अविनाश रेड्डी आंध्र प्रदेश के सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी के चचेरे भाई हैं.
उन्होंने तीन बार CBI के सामने पेश होने में विफल रहने के बाद अग्रिम जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था.
पूर्व मंत्री विवेकानंद रेड्डी की चुनाव से कुछ सप्ताह पहले 15 मार्च 2019 को कडप्पा जिले के पुलिवेंदुला शहर में उनके आवास पर अज्ञात लोगों ने मर्डर कर दी थी. उस समय वह घर पर अकेले थे.

