राष्ट्रीय

बंडारू दत्तात्रेय ने विद्यार्थियों को दी नवाचार को बढ़ावा देने की सलाह

गवर्नर बंडारू दत्तात्रेय ने बोला है कि विद्यार्थियों को नवाचार को बढ़ावा देकर नये अध्ययन की तरफ अग्रसर होना होगा. यदि अध्ययन करते समय विद्यार्थियों को असफलता हाथ लगती है तो उन्हें निराश होने की बजाय सफल होने तक लगातार कोशिश जारी रखना होगा. गवर्नर दत्तात्रेय बृहस्पतिवार को हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, राई में 51वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे.

90791401

उन्होंने बोला कि 30 सालों बाद यह मौका मिला है जब हरियाणा को इस प्रदर्शनी को आयोजित करने का मौका मिला है. हर साल आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम 26 से 31 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है. साथ ही गवर्नर ने वीर बाल दिवस पर गुरु गोबिंद सिंह के दो साहबजादों के बलिदान को नमन करते हुए बोला कि बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया था. हम सभी को ऐसे वीर बालकों के जीवन से प्ररेणा लेनी चाहिए. कार्यक्रम में राई से विधायक कृष्णा गहलावत, सोनीपत से विधायक निखिल मदान आदि भी उपस्थित रहे.

देशभर से आए बाल वैज्ञानिकों ने लगाए 185 स्टॉल

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और प्रदेश के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने ऑफिसरों के साथ प्रदर्शनी स्थल का निरीक्षण बाल वैज्ञानिकों को प्रेरित किया. इनमें महाराष्ट्र के दिव्यांग बच्चों वंश मर्शकूले और वंश डोगरे ने दिव्यांगों के नाखून काटने के लिए एक यंत्र बनाया था. वहीं गुजरात के बच्चों हर्षिता ने स्मार्ट व्हीलचेयर बनाई थी. बिहार के प्रभु नारायण ने पोर्टेबल स्ट्रक्चर बनाया जिसमें घर से लेकर शौचालय तक सभी माडल दर्शाए गए. सिक्किम के बच्चों किरदार क्षेत्री ने प्यूरीफायर वाटर टैंक का माडल दर्शाया. तेलंगना की गायत्री ने बेबी मानिटरिंग सिस्टम बनाया था जो बेबी के टेंपरेचर, ह्यूमिडिटी और बेबी के रोने के बारे में बयाया था.

थामस एडिशन 999वें कोशिश में हुए थे सफल

बंडारू दत्तात्रेय ने विद्यार्थियों को कहा कि बल्ब का आविष्कार करने वाले थॉमस एडीसन ने 999 बार कोशिश किया. उसके बाद वे सफल हुए और दुनिया को बल्ब मिला. इसलिए सभी को भी अध्ययन करते समय असफलता से निराश नहीं होना चाहिए बल्कि कामयाबी प्राप्त होने तक लगातार कोशिश करते रहना चाहिए.

प्रतिदिन 10 हजार बच्चों को मिलेगा प्रदर्शनी देखने का मौका

शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि जब यह कार्यक्रम निर्धारित किया गया तो शिक्षा विभाग के ऑफिसरों ने कहा कि देशभर से करीब 400 बाल वैज्ञानिक शामिल होंगे. इस पर उन्होंने बोला कि इन विद्यार्थियों के विज्ञान के अध्ययन को देखने का अवसर प्रदेश के सभी आठवीं से 12वीं तक से बच्चों को मिले. इसके बाद फैसला लिया गया कि रोजाना 10 हजार से अधिक बच्चे यहां लगाई गई प्रदर्शनी को देखने के लिए आएंगे और हम 31 दिसंबर तक काफी संख्या में बच्चों को यहां लेकर आएंगे.

Back to top button