भारत राष्ट्र समिति के विधायक पाडी कौशिक रेड्डी ने किया एक बड़ा सनसनीखेज दावा
Cross Voting in Vice President Election: तेलंगाना की राजनीति में इन दिनों हलचल मच गई है। हिंदुस्तान देश समिति (BRS) के विधायक पाडी कौशिक रेड्डी ने एक बड़ा सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने बोला कि हाल ही में हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस पार्टी के 15 सांसदों ने गुपचुप ढंग से नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (NDA) उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन (CP Radhakrishnan) को वोट दिया, जिनमें से 8 सांसद तेलंगाना से हैं।

कांग्रेस के 8 सांसदों ने दिया NDA को वोट
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाडी कौशिक रेड्डी ने दावा किया कि इनमें से तीन कांग्रेस पार्टी सांसदों ने तो स्वयं उन्हें कहा कि उन्होंने तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के निर्देश पर NDA उम्मीदवार को वोट दिया। उन्होंने कहा, “तीन कांग्रेस पार्टी सांसदों ने स्वयं मुझसे बोला कि उन्होंने CP Radhakrishnan को वोट दिया है। उन्होंने मुझसे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह बात सबको बताने को भी कहा।”
रेड्डी ने इल्जाम लगाया कि जब उन्होंने अपने कुछ कांग्रेस पार्टी दोस्तों से बात की तो उन्होंने कहा कि कुल 15 सांसद इस चुनाव में ‘बेच दिए गए’, जिनमें से सभी 8 तेलंगाना के कांग्रेस पार्टी सांसद भी शामिल हैं।
क्या सच में हुई है उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग?
उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ कांग्रेस पार्टी सांसदों ने तो केंद्रीय मंत्रियों और लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर स्वयं स्वीकार किया कि उन्होंने क्रॉस वोटिंग की है। रेड्डी का इल्जाम है कि यह सब आंध्र प्रदेश के सीएम एन। चंद्रबाबू नायडू और तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के बीच कथित ‘गुरु-शिष्य समझदारी’ के अनुसार हुआ है, क्योंकि रेवंत रेड्डी 2016 तक तेलुगु देशम पार्टी (TDP) में थे।
विपक्ष के भीतर गहराई क्रॉस वोटिंग की आशंका
गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में सीपी राधाकृष्णन ने कांग्रेस-लीड INDIA गठबंधन के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी (पूर्व उच्चतम न्यायालय जज) को हराया था। परिणामों में सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट मिले जबकि सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट ही मिले। NDA के पास कागजों पर 427 सांसदों का समर्थन था, लेकिन उसे 14 वोट अधिक मिले। इसके अलावा, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी पार्टी (YSRCP) के 11 सांसदों ने भी NDA उम्मीदवार को वोट दिया था। यही वजह है कि विपक्ष के भीतर से क्रॉस वोटिंग की संभावना और भी गहरी हो गई है।
रेड्डी के इन आरोपों ने अब सियासी गलियारों में नयी हलचल मचा दी है और कांग्रेस पार्टी पार्टी से इस मुद्दे पर सफाई की मांग भी उठने लगी है।

