अतुल सुभाष केस में सामने आई बड़ी अपडेट, हवा में ही गायब हो गया 24 पेज का सुसाइट नोट और एक लेटर
एआई इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मुद्दे में एक नया मोड़ आ गया है। कहा जा रहा है कि हादसे से पहले पीड़ित ने जो सुसाइट नोट और लेटर छोड़ा था, वो घटना के करीब एक सप्ताह बाद उस गूगल ड्राइव लिंक से गायब हो गया है, जहां से उसे शेयर किया गया था। दरअसल, बेंगलुरु के 34 वर्षीय टेक एक्सपर्ट अतुल सुभाष ने बेंगलुरु में दुखद रूप से खुदकुशी कर ली थी। अतुल सुभाष ने पत्नी निकिता सिंघानिया के साथ ही सास निशा सिघांनिया और साले अनुराग सिंघानिया पर उत्पीड़न का इल्जाम लगाया था। तीनों पर खुदकुशी के लिए उकसाने का इल्जाम ह

अतुल ने खुदकुशी से पहले 1 घंटे 23 मिनट का वीडियो और 24 पेज का सुसाइड नोट जारी किया था, जो सोशल मीडिया पर मौजूद था। इन दस्तावेज़ में एक लेटर “टू मिलॉर्ड्स” टाइटल से था, जिसमें इन्साफ प्रणाली की कड़ी आलोचना की गई थी। अतुल ने अपने इल्जाम में बोला था कि न्यायधीश रीता कौशिक ने मुद्दे को निपटाने के लिए उनसे 5 लाख रुपए मांगे थे। अतुल मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और उनके ससुराल वाले मूल रूप से जौनपुर के। इस मुद्दे की सुनवाई जौनपुर फैमिली न्यायालय में चल रही थी।
कहा जा रहा है कि जिस ड्राइव में अतुल सुभाष के लेटर थे, वो वहां से गायब हो चुके हैं। टीओआई के अनुसार उस ड्राइव में अब निम्नलिखित चीजें शामिल हैं – एक कविता जिसका शीर्षक है ‘मौत को डर नहीं लगता’, राष्ट्रपति को संबोधित एक पत्र, और एक घोषणा जिसमें अतुल ने निकिता द्वारा लगाए गए आरोपों को ‘गलत’ कहा है और ‘यादें’ नामक फोल्डर में उनकी निजी फोटोज़ हैं।
गायब फाइलों ने सोशल मीडिया पर मचाया हंगामा
अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स ने इस मुद्दे में पर्दा डालने का इल्जाम लगाया है, जिसने पूरे राष्ट्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस घटना ने बड़े पैमाने पर आक्रोश पैदा किया है। कई लोग सबूत मिटाने के लिए “सफाई अभियान” चलाने का इल्जाम लगा रहे हैं और बेंगलुरु पुलिस से जांच की मांग कर रहे हैं। कुछ यूजर्स ने, जिन्होंने पहले गायब फाइलों को सेव कर लिया था, उन्हें विभिन्न प्लेटफार्मों पर फिर से अपलोड कर दिया है ताकि जनता को उनकी पहुंच बनी रहे। इल्जाम यह भी लगाए जा रहे हैं कि कानून एजेंसियों ने गूगल के साथ मिलकर फाइलों को हटाने का काम किया है।
जौनपुर की फैमिली न्यायालय में चल रहा था केस
अतुल ने निकिता के पर कई तरह के फर्जी मुकदमे दर्ज कराने के इल्जाम लगाए थे। बाद में निकिता सिंघानिया ने तलाक का केस और सीजेएम न्यायालय में हत्या, हाथापाई और अप्राकृतिक यौन संबंध के मुकदमे को बाद में वापस ले लिया था। जौनपुर की न्यायालय में सुभाष पर तीन मुकदमे चल रहे हैं। इसमें एक केस दहेज प्रथा और हाथापाई को लेकर है जिस पर अगली सुनवाई 12 जनवरी 2025 को तय है।

