भाजपा ने अरविंद केजरीवाल को बताया ‘भ्रष्ट और लालची ठग’
आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को बीजेपी (भाजपा) की सियासी शाखा करार दिया है और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के विरुद्ध उसके आरोपों को सरासर और तुच्छ असत्य करार दिया है. बीजेपी ने आप पर पलटवार करते हुए अरविंद केजरीवाल को ‘भ्रष्ट और लालची ठग’ बताया. प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को दावा किया कि बीआरएस नेता के कविता और कुछ अन्य लोगों ने आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया सहित शीर्ष आप नेताओं के साथ दिल्ली पर शासन करने वाले सियासी दल को ₹100 करोड़ का भुगतान करके अब खत्म हो चुकी दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति में फायदा पाने के लिए “साजिश” रची.

आप मंत्री आतिशी ने बोला कि प्रवर्तन निदेशालय प्रेस विज्ञप्ति क्यों जारी कर रहा है? क्या यह एक सियासी दल है? सियासी दलों द्वारा पीसी दी जाती है. प्रवर्तन निदेशालय द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी करना अपने आप में एक बड़ा प्रश्न है।।इससे पता चलता है कि प्रवर्तन निदेशालय महज भाजपा और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी का सियासी हथियार बनकर रह गई है. दिल्ली के मंत्री और आप नेता गोपाल राय ने बोला कि दिल्ली सहित पूरे हिंदुस्तान में जो कुछ हो रहा है, उससे यह समझ आ रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय एक स्वतंत्र एजेंसी के बजाय बीजेपी कार्यकर्ता के रूप में काम कर रही है…भाजपा की विश्वसनीयता समाप्त हो गई है…यह मुद्दा फर्जी (आबकारी नीति घोटाला) है, उन्होंने दो वर्ष से छापेमारी कर रही है लेकिन अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है.
दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र सचदेवा ने बोला कि केजरीवाल ने आज फिर ई।डी। के समक्ष पेश ना हो कर यह स्थापित कर दिया कि वह जांच का सामना करने की स्थिति में नही हैं. केजरीवाल जानते हैं कि उनके खोखले तर्क प्रेस कॉन्फ्रेंसों में तो चल सकते हैं पर जांच अथवा न्यायिक ऑफिसरों के समक्ष नहीं टिक सकते और इसीलिए वह जांच से भाग रहे हैं. केजरीवाल के जीवन में सम्मान समाप्त हो चुका है, अब उनके चारों ओर सम्मन ही सम्मन हैं जिनसे वह छिपते भाग रहे हैं. दिल्ली जल बोर्ड की जिस जांच के मुद्दे में आज अरविंद केजरीवाल पेश नहीं हुऐ उससे साफ हो गया है कि केजरीवाल करप्ट हैं. ऑफिसरों की सिफारिश के बावजूद प्रतिबंधित कम्पनी को ठेका देने से साफ है कि केजरीवाल गवर्नमेंट में करप्शन व्याप्त है, जलबोर्ड एक वो दाल है जिसमें केवल कुछ काला नहीं है, पूरी की पूरी दाल ही काली है.
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को इल्जाम लगाया कि हिंदुस्तान देश समिति (बीआरएस) की नेता के कविता ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया सहित शीर्ष नेताओं के साथ षड्यंत्र के जरिए आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं को कथित तौर पर ₹100 करोड़ का भुगतान किया. प्रवर्तन निदेशालय के एक बयान के अनुसार, “कविता ने अन्य लोगों के साथ मिलकर” दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति-निर्माण और कार्यान्वयन में फायदा पाने के लिए अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित AAP के शीर्ष नेताओं के साथ षड्यंत्र रची.

