महाराष्ट्र में बड़ा कीर्तिमान रचने की तैयारी में है भाजपा
मेरा पानी उतरता देख, मेरे किनारे पर घर मत बसा लेना। मैं समंदर हूं, लौटकर वापस आऊंगा… महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तस्वीर साफ होते ही देवेंद्र फडणवीस की 2019 में कही यह बात लोगों को फिर से याद आ रही है। उनका वीडियो आज शेयर होने लगा है। बाद में हालात ऐसे बन गए कि मुख्यमंत्री फडणवसी को डिप्टी बनना पड़ा। लेकिन आज वह महाराष्ट्र बीजेपी के सारथी बनकर उभरे हैं। प्रचंड जीत दिलाने में उनकी अहम किरदार मानी जा रही है। ऐसे में चर्चा प्रारम्भ हो गई है कि क्या वो समंदर फिर से लौट रहा है?

मतलब क्या देवेंद्र फडणवीस को फिर से महाराष्ट्र के सीएम की कुर्सी मिलने वाली है। 11 बजे तक के मतगणना अपडेट के हिसाब से बीजेपी पहली बार 128 सीटें जीतती दिख रही है। यदि वह 122 सीटों से अधिक जीतती है तो यह रिकॉर्ड होगा। सीधे तौर पर बीजेपी अभी नहीं कह रही है लेकिन अंदरखाने यह चर्चा जरूर हो रही होगी कि जब बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है तो मुख्यमंत्री भी उसका होना चाहिए। पिछली बार जब फडणवीस को डिप्टी बनना पड़ा था तब हालात अलग थे। शिवसेना टूटी थी और राजनीतिक दांव के अनुसार शिंदे सेना को बराबर तवज्जो देना महत्वपूर्ण था लेकिन इस बार कोई विवशता नहीं है।
2019 में क्या हुआ था
तब बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा था और नतीजे आने के बाद फडणवीस के फिर से मुख्यमंत्री बनने की पूरी आसार थी। हालांकि मुख्यमंत्री पोस्ट को लेकर अनबन बढ़ गईय मतभेद बढ़ा और तो शिवसेना, कांग्रेस पार्टी और एनसीपी के फॉर्मूले से गवर्नमेंट बन गई। बीजेपी देखती रह गई थी। उसी समय विधानसभा के विशेष सत्र में फडवणीस ने शायराना अंदाज में विपक्ष पर तंज कसा था। उसके बाद पांच वर्ष में महाराष्ट्र की राजनीति काफी बदल चुकी है।
क्या मुख्यमंत्री बनेंगे फडणवीस?
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 की मतगणना के रुझान पर बीजेपी नेता प्रवीण दरेकर ने बोला है कि केंद्र और राज्य में भाजपा की गवर्नमेंट होगी तो महाराष्ट्र और विकास करेगा इसलिए जनता ने हमें बहुमत दिया है। इसके लिए मैं प्रदेश की लाडली बहनों और जनता को विशेष रूप से धन्यवाद देता हूं… भाजपा से ही सीएम होगा, मुझे लगता है कि देवेन्द्र फडणवीस ही मुख्यमंत्री होंगे।
महाराष्ट्र में बीजेपी की जीत का सेहरा
27 वर्ष की उम्र में नागपुर के सबसे युवा मेयर बने फडणवीस कम उम्र में ही संघ से जुड़ गए थे। उन्होंने नागपुर से ही 1999 में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था। 2014 में मुख्यमंत्री बने। वह फिलहाल राज्य में बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे हैं। लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद उनकी किरदार अहम रही। उन्होंने अंधाधुन्ध RSS के टॉप नेताओं के साथ कई बैठकें की थीं। एक साक्षात्कार में उन्होंने स्वयं बोला था कि वह संघ के लगातार संपर्क में हैं। कहा गया कि लोकसभा चुनाव में हुए हानि के बाद उन्होंने विधानसभा चुनाव में अराजकतावादियों और वोट जिहादियों से लड़ने के लिए संघ से सहायता मांगी थी।
फडणवीस की किरदार अहम इसलिए भी है क्योंकि उनकी सक्रियता भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा की मई में की गई टिप्पणी से एकदम उलट है। तब नड्डा ने बोला था कि पहले बीजेपी को आरएसएस की आवश्यकता होती थी। आज हम सक्षम है। अब बीजेपी स्वयं चलती है।
अंदाजा इसी से लगा लीजिए कि वोटिंग समाप्त होने के बाद भी फडणवीस की संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात हुई थी। ऐसे में बताया जा रहा है कि वो समंदर फिर से लौटकर आने वाला है।

