भाजपा ने महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव जीतने के लिए अपने फॉर्मूले रखे ताक पर…
परिवारवाद को लेकर विपक्ष पर धावा करने वाली बीजेपी ने महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव जीतने के लिए अपने ही फॉर्मूले पर ताक पर रख दिया है. हैरत की बात यह है कि रविवा को जब पीएम परिवारवाद को लेकर काशी से विपक्ष पर हमलावर थे, उसी दिन महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की जो सूची जारी की उसमें परिवारवाद से आने वाले कई चेहरों को टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा है.
महाराष्ट्र चुनाव में परिवारवाद के चेहरे-महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 99 उम्मीदवारों की अपनी जो पहली सूची जारी की है उसमें राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले कई चेहरों को चुनावी मैदान में उतारा है. बीजेपी ने अपनी पहली सूची में पार्टी के कद्दावर नेताओं के बेटे, बेटियों और भाई को टिकट दिए हैं. बीजेपी ने कांग्रेस पार्टी से बीजेपी में शामिल हुए पूर्व सीएम और वर्तमान में राज्यसभा सांसद अशोक चाव्हाण की बेटी श्रीजया चव्हाण को नांदेड के भोकर विधानसभा सीट से और मुंबई बीजेपी अध्यक्ष आशीष शेलार के भाई विनोद शेलार को मालाड से चुनावी मैदान में उतारा है.
इसके साथ बीजेपी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री के नारायण राणे के बेटे नीतीश राणे को, पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे के बेटे संतोष दानवे, राज्यसभा सांसद धनंजय महाडिक के छोटे भाई अमल महाडिक को कोल्हापुर विधानसभा से टिकट दिया है. इसके साथ पार्टी ने पूर्व सीएम शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर के पोते संभाजी पाटिल निलंगेकर को लातूर जिले की निलंगा सीट से फिर से उम्मीदवार बनाया गया है. वहीं पूर्व सांसद अनिल शिरोले के पुत्र सिद्धार्थ शिरोले को पुणे की शिवाजीनगर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है.
झारखंड में भी परिवारवाद को बढ़ावा- वहीं झारखंड में भी बीजेपी ने परिवारवाद को जमकर बढ़ावा दिया है. राज्य के पूर्व सीएम और वर्तमान में ओडिशा के गवर्नर रघुवर दास की बहू पूर्णिमा दास को जमशेदपुर पूर्वी से पार्टी ने प्रत्याशी बनाया. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को सरायकेला से और चंपाई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन को घाटशिला से टिकट दिया गया. इसके साथ ही झारखंड के पूर्व सीएम और पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा को पोटका विधानसभा से टिकट दिया, वहीं झारखंड के पूर्व सीएम मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा को जगन्नाथपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया है. वहीं धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो के भाई शत्रुघ्न महतो को बाघमारा से मैदान में उतारा गया है।
काशी में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने परिवारवाद को कोसा-भाजपा जहां एक और चुनाव जीतने के लिए परिवारवाद से किनारा करती हुई दिख रही है. वहीं काशी में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने परिवारवाद की राजनीति पर तीखा धावा करते हुए बोला कि राजनीति में परिवारवाद से युवाओं को सबसे अधिक हानि हो रहा है. पीएम ने बोला कि वह एक लाख ऐसे युवाओं को राजनीति में लेकर आएंगे जिनका राजनीति से कोई पारिवारिक जुड़ाव नहीं है. इस पहल के अनुसार इन युवाओं को नयी राजनीति की धुरी बनाया जाएगा, ताकि राष्ट्र का भविष्य और भी उज्जवल हो सके.
इसके साथ प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में काशी की दुर्दशा के लिए परिवारवाद को उत्तरदायी कहा है. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बोला कि “पहले काशी को उसके हाल पर छोड़ दिया गया था. इसलिए आज मैं हर काशीवासी के सामने एक प्रश्न उठा रहा हूं. आखिर वो कौन सी मानसिकता है जिसके चलते पहले काशी को विकास से वंचित रखा गया. 10 वर्ष पहले की स्थिति याद कीजिए।।बनारस को विकास के लिए तरसाया जाता था. इसका उत्तर है, परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति. कांग्रेस पार्टी हो या सपा ऐसे दलों ने बनारस का विकास न पहले अहमियत में था, न भविष्य में कभी होगा. इन दलों ने विकास में भी भेदभाव किया.

