केजरीवाल की जमानत पर भाजपा ने कहा…
उच्चतम न्यायालय द्वारा आबकारी नीति मुद्दे से जुड़े मुद्दे में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को शुक्रवार को जमानत दिए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्यालय के बाहर उत्सव का माहौल है. आम नेता इसे सत्य की जीत बता रहे हैं. वहीं, जमानत पर बीजेपी ने बोला कि केजरीवाल ‘अब, कारावास से बेल वाले’ हो गए हैं, लिहाजा उच्चतम न्यायालय के जमानत आदेश के बाद उन्हें तुरंत त्याग-पत्र दे देना चाहिए.

केजरीवाल की जमानत पर AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यालय के बाहर मिठाईयां बाटीं और पटाखे जलाए. AAP नेता मनीष सिसोदिया के आवास के बाहर भी मिठाइयां बांटी गईं. उच्चतम न्यायालय द्वारा केजरीवाल को जमानत दिए जाने के तुरंत बाद AAP नेता और कार्यकर्ता पार्टी मुख्यालय के बाहर एकत्र हुए और उत्सव मनाने लगे.
AAP नेताओं ने बोला कि बीजेपी को अरविंद केजरीवाल जैसे कट्टर निष्ठावान नेता को कारावास में रखने के लिए माफी मांगनी चाहिए. पार्टी ने यह भी बोला कि आबकारी नीति मुद्दे में उच्चतम न्यायालय द्वारा केजरीवाल को जमानत दिए जाने से बीजेपी का असत्य सामने आ गया है. AAP के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बोला कि उच्चतम न्यायालय का केजरीवाल को जमानत देना पार्टी और उसके नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी राहत है.
उन्होंने कहा, ‘यह सिर्फ़ केजरीवाल को जमानत मिलने का मुद्दा नहीं है. न्यायालय ने बीजेपी नीत केंद्र गवर्नमेंट को भी उसकी तानाशाही रोकने का बड़ा संदेश दिया है.’ सिसोदिया ने बोला कि शीर्ष न्यायालय का आदेश न सिर्फ़ AAP के लिए जरूरी है बल्कि यह आश्वासन भी है कि यदि कोई तानाशाही करेगा तो उच्चतम न्यायालय सुनिश्चित करेगा कि संविधान सर्वोपरि रहे.
आप का आरोप- CBI ने जानबूझकर किया था अरैस्ट था
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने इल्जाम लगाया कि बीजेपी केजरीवाल को कारावास में रखने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही थी और CBI ने जानबूझकर केजरीवाल को अरैस्ट किया था ताकि उन्हें कारावास में रखा जा सके. AAP नेता ने इल्जाम लगाया, ‘BJP केजरीवाल को कारावास में ही रखना चाहती थी ताकि प्रवर्तन निदेशालय के मुद्दे में उन्हें जमानत मिलने के बाद CBI उन्हें अरैस्ट कर सके. CBI ने बीजेपी के इरादों को पूरा किया.’
सिसोदिया बोले- जमानत बीजेपी के मुंह पर तमाचा
सिसोदिया ने कहा, ‘जमानत आदेश बीजेपी के चेहरे पर बड़ा तमाचा है. न्यायालय ने बोला कि CBI पिंजरे में कैद तोते की तरह काम कर रही है.’ उन्होंने बोला कि बीजेपी को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए क्योंकि उसकी कलई खुल गई है और उसे केजरीवाल जैसे कट्टर निष्ठावान नेता को कारावास में रखने के लिए राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए.
पत्नी सुनीता केजरीवाल बोलीं- AAP परिवार को बधाई
केजरीवाल को जमानत मिलने पर उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP) को शुभकामना दी और तिहाड़ कारावास में बंद अन्य नेताओं की भी जल्द रिहाई की कामना की. केजरीवाल की पत्नी सुनीत केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘AAP परिवार को बधाई! मजबूत बने रहने के लिए बधाई. हमारे अन्य नेताओं की भी जल्द रिहाई की कामना करती हूं.’
भाजपा ने कहा- कारावास वाला मुख्यमंत्री अब बेल वाला हो गया है
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बोला कि केजरीवाल ‘अब, कारावास से बेल वाले’ हो गए हैं, लिहाजा उच्चतम न्यायालय के जमानत आदेश के बाद उन्हें तुरंत त्याग-पत्र दे देना चाहिए. यहां बीजेपी मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, ‘जेल वाला मुख्यमंत्री अब बेल वाला हो गया है क्योंकि 10 लाख का मुचलका भरकर वह बाहर निकले हैं.’
उन्होंने कहा, ‘केजरीवाल को तुरंत पद से त्याग-पत्र दे देना चाहिए.’ क्या दिल्ली को ऐसा सीएम चाहिए? यह वही ‘पापी’ AAP (आम आदमी पार्टी) है, जिसके रग-रग में एक-एक बूंद में करप्शन भरा है. सीएम बेल वाला, पूर्व डिप्टी मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया बेल वाले, नेता संजय सिंह बेल वाले… यह कैसी पार्टी है भाई. कोई नैतिकता नहीं बची है?’
भाटिया ने बोला कि ऐसा लगता है केजरीवाल कुर्सी पर ‘फेविकोल’ डालकर बैठे हैं और उन्होंने तय कर रखा है कि कुछ भी हो जाए पद नहीं छोड़ेंगे. उन्होंने कहा, ‘यह जो फटकार (अदालत की) लगी है, जो सशर्त जमानत मिली है… हम मांग करते हैं कि ‘कट्टर बेईमान, पापी’ अरविंद केजरीवाल सीएम पद से त्याग-पत्र दें . अन्यथा जनता के पास बहुत ताकत है. AAP देखिएगा, वह भी दिन आएगा जब वह त्याग-पत्र देंगे.’
भाटिया ने बोला कि केजरीवाल पहले बोला करते थे कि यदि किसी पर इल्जाम भी लग जाए तो उसे तुरंत अपने पद से त्याग-पत्र दे देना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘लेकिन उनसे नैतिकता की आशा नहीं की जा सकती. एक दिन भी यदि कोई सीएम कारावास में हो तो वह बहुत है त्याग-पत्र देने के लिए.’
पीठ ने अपने निर्णय में बोला कि अपीलकर्ता की गिरफ्तारी गैरकानूनी नहीं थी और जांच के उद्देश्य से किसी ऐसे आदमी को अरैस्ट करने में कोई बाधा प्रतीत नहीं होती, जो पहले से ही किसी अन्य मुद्दे में हिरासत में हो. न्यायालय की ओर से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के लिए ‘पिंजरे का तोता’ वाली टिप्पणी के बारे पूछे जाने पर भाटिया ने बोला कि उसे कांग्रेस पार्टी ने ऐसा बनाया था. उन्होंने कहा, ‘सीबीआई आज बाज बन चुका है. भ्रष्टाचारियों को नोंच और काट रहा है. इसलिए भ्रष्टाचारियों को दर्द हो रहा है.’

