बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- सिद्धारमैया को RSS ने पीएम मोदी पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं…
Karnataka Politics: पीएम मोदी ने बीते दिन हिंदुस्तान के 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर संबोधन दिया था। उस दौरान उन्होंने अपने भाषण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की प्रशंसा भी की थी, जिसकी कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने आलोचना की थी। वहीं अब इसको लेकर कर्नाटक भाजपा ने तीखा उत्तर दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने बोला कि सिद्धारमैया को RSS या प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

RSS को लेकर सिद्धारमैया पर भड़के
विजयेंद्र ने कहा,’ कांग्रेस पार्टी की छाया में खड़े होकर, जो आज भी गुलाम मानसिकता रखती है और स्वतंत्रता संग्राम का अपमान करती है, आप RSS या प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में बोलने के लायक नहीं हैं।‘ उन्होंने यह भी इल्जाम लगाया कि सिद्धारमैया कांग्रेस पार्टी में स्वार्थ और सत्ता की राजनीति के चलते शामिल हुए हैं और वह संविधान और लोकतंत्र पर बोलने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं। विजयेंद्र ने कांग्रेस पार्टी के आपातकालीन के दौर को हिंदुस्तान की राजनीति के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया।
महात्मा गांधी ने भी की थी सराहना
भाजपा नेताओं ने RSS की किरदार को देश निर्माण में अहम बताया। विजयेंद्र ने बोला कि RSS कोई सियासी दल नहीं बल्कि सेवा और समानता के सिद्धांतों पर आधारित एक राष्ट्रवादी संगठन है। उन्होंने महात्मा गांधी और नेहरू की ओर से RSS की सराहना का उल्लेख करते हुए बोला कि यह संगठन राष्ट्र के मूल्यों को वैश्विक स्तर पर पहुंचा रहा है। सिद्धारमैया की आलोचना करते हुए बोला कि गांधीजी, अंबेडकर और जयप्रकाश नारायण जैसे नेताओं ने RSS की सेवा भावना और एकता की सराहना की थी।
RSS को कहा नफरत फैलाने वाला संगठन
गांधीजी के साल1934 में RSS कैंप के दौरे का हवाला देते हुए बोला कि गांधीजी ने तब बोला था,’ RSS ने एक जातिविहीन और छुआछूत से मुक्त समाज के मेरे सपने को साकार किया है।‘ बता दें कि सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि RSS दुनिया का सबसे बड़ा सियासी फायदा वाला, नफरत फैलाने वाला और बांटने संगठन है, जो न तो रजिस्टर्ड है और न ही टैक्स चुकाता है। उनके इस बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

