कोरबा में भाजपा सभापति का नाम करेगी तय
कोरबा नगर निगम में बीजेपी ने 67 वार्डों में से 52 सीटें जीतकर बहुत बढ़िया प्रदर्शन किया. महापौर मिलने के बाद अब सभापति और नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए कई दावेदार सामने आए हैं.सभापति पद के लिए बीजेपी से 6 और नेता प्रतिपक्ष के लिए कांग्रेस पार्टी से 4 प्रमुख दावेदार

सूत्रों के मुताबिक, पार्षदों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के बाद बीजेपी सभापति का नाम तय करेगी. इस रेस में मंत्री लखनलाल देवांगन के भाई नरेंद्र देवांगन हैं जो निर्विरोध जीते हैं. हितानंद अग्रवाल पूर्व नेता प्रतिपक्ष रहे हैं. अशोक चावलानी पूर्व सभापति और बीजेपी के पूर्व जिला अध्यक्ष हैं.
सभापति के लिए 6 दावेदार
चंद्रलोक सिंह पूर्व सांसद बंशीलाल महतो के बेटे विकास महतो के करीबी हैं. उन्होंने लगातार तीसरी बार अपने वार्ड से जीत दर्ज की है. नूतन सिंह ठाकुर पुरानी बस्ती से जीते हैं और अधिवक्ता संघ में भी पदस्थ हैं. लक्ष्मण श्रीवास भी मंत्री के करीबी माने जाते हैं.
नेता प्रतिपक्ष के लिए 4 दावेदार
नेता प्रतिपक्ष पद के लिए कांग्रेस पार्टी से 4 दावेदार सामने आए हैं. मुकेश राठौर पांचवीं बार पार्षद चुने गए हैं और अच्छी छवि के नेता माने जाते हैं. अन्य दावेदारों में रवि चंदेल, सुभाष राठौड़, कृपाराम साहू और गोपाल कुर्रे शामिल हैं.
शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान होगी घोषणा
बता दें कि अजीत जोगी गवर्नमेंट के समय नूतन सिंह, तत्कालीन केबिनेट मंत्री लखन देवांगन के साथ कारावास में रहे. लखन देवांगन ने कई अवसरों पर नूतन सिंह को अपना कारावास का साथी बताते हुए उनकी प्रशंसा की है. दोनों पदों के लिए आखिरी नामों की घोषणा शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान की जाएगी.
सभापति का चयन करना आसान नहीं
कोरबा नगर पालिका चुनाव में भारी मतों से जीत दर्ज कर बीजेपी से संजू देवी महापौर बनी है. सदन में साथ देने के लिए बहुमत से अधिक पार्षद चुनाव जीत कर आए हैं. बीजेपी के लिए अब सभापति का चयन करना आसान नहीं रह गया है.
छत्तीसगढ़ी सभापति की चर्चा तेज
आधा दर्जन से अधिक कद्दावर चुनाव जीतकर पार्षद बने हैं और ऐसे में किसी एक का चयन करने संगठन उलझ सकता है. इन सबके बीच बीजेपी पार्षदों में छत्तीसगढ़ी सभापति की चर्चा तेज होती जा रही है.
दरअसल, इसके पीछे का लॉजिक यह लगाया जा रहा है कि बीजेपी की महापौर पूर्वांचल से ताल्लुक रखती हैं. ऐसे में दूसरा सबसे जरूरी सभापति का पद एक योग्य छत्तीसगढ़िया को सौंपकर सामंजस्य बिठाया जा सकता है.
फिर सबको चौंका सकती है भाजपा
उम्मीद की जा रही है कि जिस तरह महापौर प्रत्याशी के चयन में बीजेपी ने सबको चौंकाया है, उसी तरह अपनों की संतुष्टि और सहमति का ख्याल रखते हुए सभापति के जरूरी पद के लिए भी नए नाम सामने लाकर बीजेपी एक बार फिर सबको चौंका सकती है.

