पक्षियों की तस्करी करने वालों के खिलाफ चलाए जाएंगे अभियान
उत्तर 24 परगना जिले में सर्दियों के मौसम के दौरान दुर्लभ प्रजाति के टिया पक्षियों के गैरकानूनी व्यापार को रोकने के लिए वन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, गुमा बाजार में छापेमारी के दौरान एक आदमी को दुर्लभ टिया पक्षी के साथ अरैस्ट किया गया है।

यह कार्रवाई वन विभाग द्वारा की गई एक जरूरी पहल है ताकि इन पक्षियों का गैरकानूनी व्यापार रोका जा सके। ऑफिसरों का बोलना है कि इस समय इन पक्षियों की मूल्य बाजार में बहुत अधिक है, और यह गैरकानूनी कारोबार बढ़ता जा रहा है।
गिरफ्तारी और आरोप
गिरफ्तार आदमी का नाम हाबरा थाना क्षेत्र के हाट थुबा स्थित बापी मजूमदार है। वह इस दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों को मुख्य रूप से बेचने के उद्देश्य से गुमा बाजार लाया था। जानकारी के मुताबिक, बापी मजूमदार पहले भी पक्षी बेचने के इल्जाम में कई बार अरैस्ट हो चुका है। बापी के विरुद्ध पहले भी वन्यजीव संरक्षण कानून के अनुसार मुकदमा दर्ज हो चुका है। उसकी गतिविधियों को लेकर वन विभाग की टीम लगातार नजर बनाए हुए थी, जिसके चलते उसे फिर से पकड़ा गया।
पक्षियों की बरामदी और जांच
वन विभाग ने गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर ऑपरेशन चलाया और टिया पक्षियों की लगभग दस दुर्लभ प्रजातियाँ बरामद की। ये पक्षी ज्यादातर जंगलों से पकड़े जाते हैं, और फिर इन्हें गैरकानूनी रूप से बाजार में बेचा जाता है। विभाग के अधिकारी अब यह जांच कर रहे हैं कि ये पक्षी कहां से लाए गए और इस गैरकानूनी कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पक्षियों के संरक्षण के लिए विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि इस तरह के अपराधों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।
सावधानी बरतने की अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इन दुर्लभ पक्षियों को खरीदने या पिंजरे में रखने से पहले पूरी जानकारी और सतर्कता बरतें। अन्यथा, वे भी इस गैरकानूनी व्यापार के जाल में फंस सकते हैं, जिससे उन्हें कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वन विभाग के ऑफिसरों का बोलना है कि यदि किसी को इन पक्षियों के बारे में कोई जानकारी मिलती है या वह पक्षियों को बेचना चाहता है, तो उसे संबंधित विभाग को सूचित करना चाहिए। इसके साथ ही, आम जनता से भी अपील की जा रही है कि वे किसी भी तरह के गैरकानूनी पक्षी व्यापार में शामिल न हों, ताकि इन प्रजातियों का संरक्षण किया जा सके।

