IED ब्लास्ट में कैप्टन करमजीत सिंह बक्शी ने गंवाई जान
हजारीबाग निवासी कैप्टन कमरजीत सिंह बक्शी राष्ट्र की सेवा करते हुए जम्मू कश्मीर में शहीद हो गए। हजारीबाग के लोगों को जैसे ही इस बात की समाचार मिली उनके घर लोगों के पहुंचने का सिलसिला प्रारम्भ होगा। लोग शहीद के परिजनों साथ खड़े होकर उनकी हौसला बढ़ा रहे हैं। कैप्टन कमरजीत सिंह बक्शी के शहीद होने की समाचार आते ही उनके हजारीबाग वाले घर का क्षेत्र हिंदुस्तान माता की जय के नारों से गूंज उठा। परिवार को इस बात का फर्क है कि उनका बेटा राष्ट्र के लिए बलिदान हो गया।

बता दें, जम्मू और कश्मीर के अखनूर सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के पास मंगलवार को हुए आईईडी धमाके में सेना के एक कैप्टन समेत दो जवान शहीद हो गए। वहीं एक जवान घायल है। शहीद कैप्टन करमजीत सिंह बक्शी उर्फ पुनीत हजारीबाग के जुलू पार्क के रहनेवाले थे। वे अजिनदर सिंह बक्शी और नीलू बक्शी के इकलौते पुत्र थे।
5 अप्रैल को होने वाली थी शादी
सैन्य ऑफिसरों के अनुसार, मंगलवार को पेट्रोलिंग के दौरान आतंकवादियों के द्वारा बिछाई गई आईईडी में ब्लास्ट हो गया, जिसकी चपेट में आकर वे घायल हो गए। घायल होने के बाद सेना के द्वारा उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के क्रम में मृत्यु हो गई।उनके शहीद होने की सूचना पर हजारीबाग में शोक की लहर है। जम्मू और कश्मीर के अखनूर में एलओसी पर पोस्टेड सरदार करमजीत सिंह बक्शी की आनें वाले 5 अप्रैल को विवाह होने वाली थी। इसकी तैयारी के लिए वह 10 दिन पहले ही हजारीबाग में थे।
29 मार्च को होनी थी विवाह से जुड़ी रस्में
शादी तय होने के बाद वे ड्यूटी पर कश्मीर चले गए थे। परिजनों के अनुसार, हजारीबाग में 29 मार्च को विवाह से जुड़ी रस्में निभाई जानी थीं। इसके बाद जम्मू में ही 5 को विवाह तय थी। बुधवार को दोपहर बाद हजारीबाग के हिंदुस्तान माता चौक पर पहुंचने की आशा है। उनके पारिवारिक मित्र देवेंद्र सिंह बग्गा ने कहा कि पुनीत प्रारम्भ से सेना में जाने को उतावले रहते थे।

