राष्ट्रीय

दर्ज कराया गया कॉन्स्टेबल को बंधक बनाकर मारपीट करने का मामला

कॉन्स्टेबल को बंधक बनाकर हाथापाई करने का मुद्दा पीलीबंगा पुलिस पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया गया है.  गिरफ्तारी वारंट की तामिल के लिए अपने चाचा के साथ बाइक पर जा रहे कॉन्स्टेबल को उठाकर घर ले जाने, चारपाई से बांधकर हाथापाई करने और मोबाइल टेलीफोन छीनने का मुद्दा सामने आया है. बंधक बनाए गए कॉन्स्टेबल को पुलिस पुलिस स्टेशन से आई टीम ने छुड़ाया.

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पुलिस के मुताबिक सूरतगढ़ सदर पुलिस पुलिस स्टेशन में तैनात कॉन्स्टेबल शीशपाल (41) पुत्र साहबराम जाट निवासी लुढाणा पीएस पीलीबंगा ने लिखित रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि वह 20 सितंबर को कृष्णलाल नायक निवासी वार्ड चार, पीलीबंगा के गिरफ्तारी वारंट की तामिल के लिए मण्डी पीलीबंगा आया. कृष्णलाल के घर पर नहीं मिलने पर गांव डींगा में उसकी तलाश की. डींगा के ग्राम विकास अधिकारी सुनील काजला की ओर से कृष्णलाल के गांव भागसर और संघर की तरफ होने की सूचना देने पर उन्होंने भागसर गांव पहुंचकर अपने परिवार में चाचा ओमप्रकाश मूंड से कृष्णलाल नायक के बारे में पता किया तो उन्होंने कहा कि संघर रोड की तरफ नायकों का मोहल्ला है, जहां पर कृष्णलाल का पता चल सकता है.

इस पर रात्रि करीब 8.10 बजे वह और उसका चाचा ओमप्रकाश दोनों बाइक पर सवार होकर नायकों के मोहल्ला की तरफ जा रहे थे. जब वे गांव भागसर में संदीप पुत्र संतराम कस्वां के घर के आगे पहुंचे तो हंसराज पुत्र उमाराम, भूपसिंह पुत्र उमाराम, सुभाष पुत्र संतराम, प्रमोद एवं सुरेश पुत्र हरीश, विनोद पुत्र भूपसिंह, हरीश पुत्र उमाराम, चावली देवी पत्नी संतराम, ज्योति पत्नी संदीप, गीरा पत्नी सुभाष, सुनीता पत्नी प्रमोद सहित दो-तीन अन्य औरतें अचानक से आईं और उसकी बाइक रुकवा ली. गले में पहने साफा से पकड़कर नीचे गिरा लिया तथा उसे और उसके चाचा ओमप्रकाश को पकड़कर थाप-मुक्कों से हाथापाई प्रारम्भ कर दी. सुभाष ने उसके चाचा ओमप्रकाश का मोबाइल टेलीफोन छीन लिया. उसके चाचा ओमप्रकाश ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई.

इसके बाद यह लोग उसे गली से जबरन उठाकर अपने घर के अंदर ले गए. चारपाई से बांधकर थाप-मुक्कों से हाथापाई की. डंडों से वार किया और ईंटें फेंकी. उसके हाथ से मोबाइल टेलीफोन छीन लिया और घर में बने कमरे में बंद कर दिया. इस दौरान मोबाइल टेलीफोन से उसकी वीडियो भी बनाते रहे. सूचना मिलने पर सुनील कुमार पुत्र आत्माराम, मोहनलाल पुत्र भागीरथ, विकास पुत्र ओमप्रकाश और राकेश पुत्र काशीराम आ गए. इस पर हंसराज वगैरा ने उन पर भी ईंट-भाटे फेंके. इससे राकेश के हाथ पर चोटें लगी.

विकास ने पीलीबंगा थाना पुलिस को सूचना दी. पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर उसे छुड़ाया. हाथापाई में उसके शरीर पर कई स्थान चोटें लगी. पुलिस ने बीएनएस की धाराओं के अनुसार केस दर्ज कर तफ्तीश एएसआई देवीलाल के सुपुर्द की है.

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