आगामी जनगणना में जातिगत गणना को ‘पारदर्शी’ तरीके से किया जायेगा शामिल : पीएम मोदी
केंद्र की मोदी गवर्नमेंट ने बुधवार को घोषणा किया कि आनें वाले जनगणना में जातिगत गणना को ‘पारदर्शी’ ढंग से शामिल किया जाएगा. कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी पिछले लंबे समय से राष्ट्र भर में जाति जनगणना कराने की मांग उठाते आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि इसी दबाव से बैकफुट पर आई मोदी गवर्नमेंट ने बिहार चुनाव से पहले आनें वाले जनगणना में जातिगत गणना को भी शामिल करने का निर्णय किया है.
राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा लिए गए निर्णयों की घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बोला कि जनगणना केंद्र के अधिकार क्षेत्र में आती है लेकिन कुछ राज्यों ने सर्वेक्षण के नाम पर जाति गणना की है. वैष्णव ने इल्जाम लगाया कि विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों ने सियासी कारणों से जाति आधारित सर्वेक्षण कराया गया है. उन्होंने बोला कि मोदी गवर्नमेंट का संकल्प है कि आनें वाले अखिल भारतीय जनगणना प्रक्रिया में जातिगत गणना को पारदर्शी ढंग से शामिल किया जाएगा.
इससे पहले पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद केंद्र गवर्नमेंट द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि बैठक में गवर्नमेंट ने आनें वाले जनगणना के साथ जाति जनगणना कराने का निर्णय लिया है.
वैष्णव ने बोला कि जनगणना का विषय संविधान के अनुच्छेद 246 की केंद्रीय सूची की क्रम संख्या 69 पर अंकित है और यह केंद्र का विषय है. हालांकि, कई राज्यों ने सर्वे के माध्यम से जातियों की जनगणना की है. जहां कुछ राज्यो में यह कार्य सुचारू रूप से संपन्न हुआ, वहीं कुछ अन्य राज्यों ने सियासी दृष्टि से और गैरपारदर्शी ढंग से सर्वे किया. वैष्णव ने बोला कि यह सुनिश्चित करते हुए कि हमारा सामाजिक ताना बाना राजनीति के दबाव में न आए, जातियों की गणना एक सर्वें के जगह पर मूल जनगणना में ही सम्मिलित होनी चाहिए. इससे समाज आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से मजबूत होगा और राष्ट्र की भी बिना रुकावट प्रगति होती रहेगी.
आज कैबिनेट की बैठक में मेघालय के शिलांग के पास मावलिंगखुंग से असम के सिलचर के पास पंचग्राम तक एक नए ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर के निर्माण को स्वीकृति दी गई है. यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-6 (एनएच-6) के अनुसार कुल 166.80 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा, जिसे हाइब्रिड एन्यूटी मोड के भीतर बनाया जाएगा. इस परियोजना की कुल लागत 22,864 करोड़ रुपये आंकी गई है.
कैबिनेट ने गन्ने के उचित एवं फायदेमंद मूल्य को लेकर भी फैसला लिया है. 2025-26 चीनी सत्र के लिए गन्ने की एफआरपी रेट 355 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है. यह रेट 10.25 प्रतिशत की बेसिक रिकवरी रेट पर आधारित है. इसके अलावा, रिकवरी रेट में हर 0.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर 3.46 रुपये प्रति क्विंटल का प्रीमियम मिलेगा, जबकि 0.1 प्रतिशत की कमी पर उतनी ही राशि की कटौती की जाएगी.

