CGPSC मामले में CBI ने रायपुर, महासमुंद समेत 5 ठिकानों पर की छापेमारी
CGPSC मुद्दे में सीबीआई की टीम ने बुधवार को रायपुर, महासमुंद समेत 5 ठिकानों पर छापेमारी की है. यह छापा सरकारी डॉक्टर, कोचिंग इंस्टीट्यूट और एक निजी होटल में पड़ी है. टीम को डॉक्यूमेंट्स समेत डिजिटल डिवाइस भी मिले हैं.
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बताया जा रहा है कि, महासमुंद में अभ्यारण के गेस्ट हाउस, सरकारी चिकित्सक के घर, रायपुर के निजी होटल और कोचिंग इंस्टीट्यूट पर कार्रवाई की गई. इस छापेमारी में कई ऐसे क्लू मिले हैं, जिससे पूरे सिंडीकेट से जुड़े लोगों का खुलासा हो सकता है. उनकी जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है.
जानकारी के मुताबिक, इस छापेमारी में ऐसे कई बड़े लोग भी शामिल हैं, जो विद्यार्थियों के सिलेक्शन को लेकर दलाली का काम करते थे. CBI की टीम उन तक पहुंच गई है. बता दें कि, CGPSC घोटाला मुद्दे में सीबीआई ने पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, नितेश सोनवानी और पूर्व डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर ललित गनवीर को कारावास में बंद हैं.
VIP लोगों के संबंधियों को सेलेक्ट करने का आरोप
CBI के मुताबिक, सोनवानी के कार्यकाल में PSC में हुई भर्ती में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है. इल्जाम है कि, उन्होंने अपने कई करीबी संबंधियों और कांग्रेस पार्टी नेताओं और ऑफिसरों के 18 संबंधियों की जॉब लगवाई है. जांच में पैसों के लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं.
जानिए CGPSC घोटाले के बारे में
CGPSC 2019 से 2022 तक की भर्ती में कुछ अभ्यर्थियों के चयन को लेकर टकराव है. EOW और अर्जुंदा पुलिस ने भ्रष्टाचार-अनियमितता के इल्जाम में मुकदमा दर्ज किया है. PSC ने 2020 में 175 पदों पर और 2021 में 171 पदों पर परीक्षा ली थी. इन्हीं भर्तियों को लेकर अधिक टकराव है. इल्जाम है कि तत्कालीन चेयरमैन सोनवानी ने अपने संबंधियों समेत कांग्रेसी नेता और ब्यूरोक्रेट्स के बच्चों की जॉब लगवाई है.
171 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा
CGPSC परीक्षा 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी. प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया. इसमें 2 हजार 565 पास हुए थे. इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए. साक्षात्कार के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई.

