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केंद्र की सत्ताधारी भाजपा को इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए मिला है सबसे ज्यादा चंदा

बीजेपी Electoral Bonds News: चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए आंकड़े के मुताबिक केंद्र की सत्ताधारी बीजेपी (भाजपा) को इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए सबसे अधिक चंदा मिला है. हाल में जारी डिटेल से ये भी सामने आ चुका है कि किस कंपनी ने किस पार्टी को कब और कितना पैसा दिया था. इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बीजेपी ने बोला है कि उसे उसकी ताकत के हिसाब से चंदा मिला है. इस बीच पार्टी ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा.Newsexpress24. Com 303 download 11zon 2024 03 22t111151. 917

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भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने बोला कि उनकी पार्टी को जो चंदा मिला वह संसद में उसकी ताकत के हिसाब से मिला. उन्होंने बोला कि यह आश्चर्य की बात है कि कांग्रेस पार्टी के पास संसद में सिर्फ़ 9% सांसद हैं लेकिन फिर भी उसे 1,400 करोड़ रुपये से अधिक मिले. उन्होंने कहा, “लोकसभा में भाजपा के 303 सांसद हैं, जो कुल सांसदों की संख्या का 55% है. कांग्रेस पार्टी के 48 सांसद हैं यानी 9% सांसद कांग्रेस पार्टी के हैं. डीएमके के 24 और तृण मूल काँग्रेस के 22 सांसद हैं.

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “जनता को यह जानकर आश्चर्य होगा कि भाजपा को लगभग 6,000 करोड़ रुपये, तृण मूल काँग्रेस को लगभग 1,400 करोड़ रुपये और कांग्रेस पार्टी को 1,400 करोड़ रुपये से अधिक मिले. इससे यह प्रश्न उठता है कि सिर्फ़ 9% सांसदों वाली पार्टी को 1,400 करोड़ रुपये के बांड कैसे मिले.

बता दें कि इलेक्टोरल बॉन्ड की सबसे बड़ी लाभ पाने वाले बीजेपी है. इसे मेघा इंजीनियरिंग, फ्यूचर गेमिंग और रिलायंस से संबंधित क्विक सप्लाई जैसे कई कोरपोरेट समूहों एवं व्यक्तियों से चंदा मिला है. पार्टी को इलेक्टोरल बॉन्ड से पिछले चार वर्षों में 6000 करोड़ रुपये से अधिक का चंदा मिला है.

संबित पात्रा ने बोला कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में बोला था कि इलेक्टोरल बॉन्ड का प्राथमिक उद्देश्य चुनावी खर्चों में काले धन पर रोक लगाना और चुनावी सुधारों में सुधार करना है. पात्रा ने कहा, “संसद में चर्चा के दौरान, कांग्रेस पार्टी ने इलेक्टोरल बॉन्ड का समर्थन किया. हालांकि, आज, अपनी हार को सामने देखते हुए, कांग्रेस पार्टी इन्हीं इलेक्टोरल बॉन्ड और चुनाव आयोग को गुनेहगार ठहरा

चुनाव आयोग द्वारा इलेक्टोरल बॉन्ड के विवरण का खुलासा करने से एक दिन पहले, अमित शाह ने इस इल्जाम को खारिज कर दिया कि बीजेपी ने कॉरपोरेट्स को प्रवर्तन निदेशालय और आईटी विभाग से धमकी दिलवाकर इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए चंदा लिया. उन्होंने बोला कि 90% पैसा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद आया था.

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए आंकड़े के मुताबिक बीजेपी को हैदराबाद की मेघा इंजीनियरिंग ने 584 करोड़ रुपये, क्विक सप्लाई ने 395 करोड़ रुपये और फ्यूचर गेमिंग ने 100 करोड़ रुपये चंदा दिया. मेघा इंजीनियरिंग को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वास्ते कई ठेके मिले. बीजेपी को केवेंटर्स फुड पार्क, एमकेजी इंटरप्राइजेज और मदनलाल लिमिटेड से भी 346 करोड़ रुपये चंदा मिला.

तीनों कंपनियों का पता कोलकाता में एक ही है. वेदांता ने पार्टी को 226 करोड़ रुपये और हल्दिया इनर्जी ने 81 करोड़ रुपये चंदा दिया. वेदांता ने कांग्रेस पार्टी को भी 125 करोड़ रुपये चंदा दिया. इस विपक्षी दल को वेस्टर्न उत्तर प्रदेश पावर एंड ट्रांसमिशन, एमकेजे इंटरप्राइजेज और यशोदा सुपर स्पेलियटी हॉस्पीटल्स से भी चंदा मिला. बीजेपी को भी वेस्टर्न उत्तर प्रदेश पावर एंड ट्रांसमिशन कंपनी से 80 करोड़ रुपये और वेलस्पुन से 42 करोड़ रुपये चंदा मिला.

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