चंडीगढ़ पुलिस ने नार्को ड्रग सिंडिकेट का किया पर्दाफाश
चंडीगढ़ पुलिस ने इंटर-स्टेट और विदेशी नेटवर्क से जुड़े नार्को ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें तीन तस्करों को अरैस्ट किया गया है. इनके कब्जे से 255.86 ग्राम हेरोइन (बाजार मूल्य करीब 1.5 करोड़), एक पिस्टल और कारतूस बरामद किया गया है.
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गिरफ्तार आरोपियों में से एक कुख्यात नार्को गैंगस्टर बलजीत सिंह उर्फ बाबा है, जो डबल मर्डर, नायब तहसीलदार की मर्डर और कई अन्य संगीन मामलों में शामिल रहा है. यह वही बाबा है, जिसने कारावास से ही गैंगस्टर जस्मीत उर्फ लक्की के साथ मिलकर ड्रग्स का नेटवर्क चलाया था. लक्की इस समय अमेरिका में अरैस्ट है. आरोपी मनदीप सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड – बी।टेक (कंप्यूटर साइंस) पास, जॉब की तैयारी में असफल रहने पर नशे का शिकार हुआ,इसके बाद वह बाबा के संपर्क में आया और नशे का कारोबार करने लग पड़ा.
इन आरोपियों को डीएसपी धीरज कुमार की सुपरविजन में अपराध की टीम ने पकड़ा है.
एएनटीएफ का भी उठा मामला
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को लेकर जब डीएसपी धीरज कुमार से प्रश्न किया गया कि पुलिस विभाग द्वारा एएनटीएफ ड्रग तस्करों को पकड़ने के लिए बनाई गई थी और एक ही छत के नीचे अपराध ब्रांच और एएनटीएफ के ऑफिस हैं, फिर क्या आपस में इन्फॉर्मेशन शेयर नहीं की जाती, जबकि शहर में अन्य आपराधिक वारदातें भी घट रही हैं. इस पर डीएसपी ने उत्तर दिया कि एएनटीएफ भी काम कर रही है और 2025 में उसने 11 मुकदमा दर्ज किए हैं, लेकिन इन्फॉर्मेशन शेयर वाले प्रश्न का उत्तर नहीं दिया गया.
सेक्टर-43 से किया बाबा गिरफ्तार
एसपी जसबीर ने कहा कि गोपनीय इनपुट पर पुलिस ने सेक्टर-43 बस स्टैंड, चंडीगढ़ से बलजीत सिंह उर्फ बाबा (55) को पकड़ा. उसके पास से 109.86 ग्राम हेरोइन और देशी कट्टा मिला. पूछताछ में पता चला कि बाबा विदेशी ड्रग तस्करों से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा है. इसके बाद उसके दोनों साथी – परविंदर पाल सिंह मिड्ढा और मनदीप सिंह उर्फ मंडी को भी पकड़ा गया. मिड्ढा के पास से 121 ग्राम हेरोइन और एक स्विफ्ट कार, जबकि मंडी से 25 ग्राम हेरोइन बरामद हुई.
पुलिस ने – बलजीत सिंह बाबा – 109.86 ग्राम हेरोइन + कट्टा + कारतूस, परविंदर पाल सिंह मिड्डा – 121 ग्राम हेरोइन + स्विफ्ट कार और मनदीप सिंह उर्फ मंडी – 25 ग्राम हेरोइन – इनसे कुल बरामदगी: 255.86 ग्राम हेरोइन, हथियार और कार की है.
लोकल पैडलर के जरिए सप्लाई
पुलिस ने कहा कि बाबा विदेशी तस्करों के साथ मैसेजिंग ऐप्स के जरिए जुड़ा हुआ था. ड्रग्स की सप्लाई लोकल पैडलरों के जरिए होती थी. पैसे और नशे की डिलीवरी भिन्न-भिन्न स्थान तय की जाती थी ताकि पकड़े जाने का खतरा कम रहे. आरोपी बाबा लंबे समय से अमेरिका में बैठे तस्करों भूपिंदर और दलबीर के संपर्क में था. ये लोग हिंदुस्तान में अपने लोकल नेटवर्क के जरिए ड्रग्स पहुंचाते थे.
बाबा का आपराधिक रिकॉर्ड
- 2000 में डबल हत्या – अपने पिता के साथ मिलकर चाचा और चचेरे भाई की हत्या
- 2010 में पैरोल पर छूटते ही नायब तहसीलदार मिंटू की हत्या
- हत्या और एनडीपीएस एक्ट में उम्रकैद और कई बार जेल
- जेल में गैंगस्टर जसमीत उर्फ लक्की से मुलाकात, वहीं से ड्रग्स नेटवर्क शुरू
- 2017 में उच्च न्यायालय से जमानत पर छूटकर फिर से ड्रग्स स्मग्लिंग में सक्रिय
परविंदर पाल सिंह आपराधिक रिकॉर्ड – डबल मास्टर डिग्रीधारी (MBA और MA), पहले फाइनेंस कंपनी में जॉब करता था, 2022 में गैंगरेप मुकदमा (थाना-39, चंडीगढ़) में अरैस्ट हो चुका है और बाबा के साथ मिलकर चंडीगढ़ और ट्राईसिटी में ड्रग सप्लाई कर रहा था.

