रूस में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले चीन ने कहा…
BRICS summit : रूस में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले चीन ने सोमवार को बोला कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं का अगुवाई करने वाला यह समूह बहुपक्षवाद को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध एक सकारात्मक और स्थिर शक्ति बना हुआ है. पीएम नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित अन्य नेता इसमें भाग लेंगे. अब 5 अतिरिक्त सदस्य मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात भी इसमें शामिल हो गए.

ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स) शिखर सम्मेलन 22 से 24 अक्टूबर तक रूस के शहर कज़ान में आयोजित किया जाएगा जिसमें अब 5 अतिरिक्त सदस्य मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हो गए हैं.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित अन्य नेता इसमें भाग लेंगे. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने ब्रिक्स के संबंध में चीन के दृष्टिकोण के बारे में कहा, मैं पुनः पुष्टि करना चाहता हूं कि यह ब्रिक्स योगदान की आरंभ का साल है.
उन्होंने बोला कि यह शिखर सम्मेलन ब्रिक्स के विस्तार के बाद पहला शिखर सम्मेलन है, जिसने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का व्यापक ध्यान आकर्षित किया है. जियान ने कहा, अपनी स्थापना के बाद से ही ब्रिक्स ने खुलेपन, समावेशिता और सभी के लिए फायदेमंद योगदान की
उन्होंने बोला कि यह एकजुटता के माध्यम से शक्ति हासिल करने के अपने संस्थापक उद्देश्य के प्रति निष्ठावान और बहुपक्षवाद को कायम रखने तथा अंतर्राष्ट्रीय मामलों में अच्छाई के लिए एक सकारात्मक एवं स्थिर शक्ति बनने के लिए प्रतिबद्ध रहा है. इस शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग अन्य नेताओं के साथ अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य, ब्रिक्स व्यावहारिक सहयोग, ब्रिक्स तंत्र के विकास एवं पारस्परिक भलाई के जरूरी मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे.
प्रवक्ता ने कहा, चीन अन्य पक्षों के साथ मिलकर ब्रिक्स योगदान के स्थिर एवं सतत विकास के वास्ते कोशिश करने तथा ग्लोबल साउथ के लिए एकजुटता के माध्यम से शक्ति प्राप्त करने और संयुक्त रूप से विश्व शांति एवं विकास को बढ़ावा के लिए एक नए युग के द्वार खोलने के लिए तैयार है.

