राष्ट्रीय

सीएम केजरीवाल अभी और खाएंगे जेल की हवा

नई दिल्ली . दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मुकदमा में उच्च न्यायालय ने अपना निर्णय सुना दिया है. न्यायालय ने सीएम अरविंद केजरीवाल को जमानत देने के निचली न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी है.

Images 19 11zon

WhatsApp Group Join Now


इसका मतलब है कि केजरीवाल अभी कारावास में ही रहेंगे. जमानत पर अंतरिम रोक लगाते हुए इस मुद्दे में उच्च न्यायालय ने निर्णय सुरक्षित रखा था. मंगलवार को इस पर निर्णय सुनाते हुए न्यायमूर्ति सुधीर जैन ने बोला कि दस्तावेजों और तर्कों को ट्रायल न्यायालय ने स्वीकार नहीं किया.

20 जून को दिल्ली की एक न्यायालय ने सीएम को जमानत दे दी थी. इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय तुरंत अगले ही दिन उच्च न्यायालय पहुंच गई, जिसने आखिरी आदेश आने तक आदेश पर रोक लगा दी.

अब न्यायमूर्ति जैन ने अपने आखिरी आदेश में बोला है कि निचली न्यायालय की अवकाश पीठ ने सारे तथ्यों को ठीक से नहीं देखा. उसे जमानत आवेदन पर बहस करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय को समान अवसर देना चाहिए था.

उन्होंने बोला कि अन्य तर्कों पर रोस्टर बेंच द्वारा विचार किया जाएगा.

ईडी ने निचली न्यायालय में आदेश की घोषणा के बाद जमानत बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के लिए 48 घंटे की मोहलत मांगी थी. हालांकि ट्रायल न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय की याचिका को खारिज कर दिया था.

ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने न्यायमूर्ति सुधीर कुमार जैन और न्यायमूर्ति रविन्द्र डुडेजा की वेकेशन बेंच के निचली न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध दलील दी थी.

उन्होंने तर्क दिया था, “मैं तुरन्त रोक लगाने की मांग कर रहा हूं. कल रात 8 बजे आदेश सुनाया गया. आदेश अपलोड नहीं किया गया है. हमें जमानत का विरोध करने का भी अवसर नहीं दिया गया.

उन्होंने कहा, “मैं मांग कर रहा हूं कि आदेश पर रोक लगाई जाए और मुद्दे की जल्द से जल्द सुनवाई की जाए. हमें मुद्दे पर बहस करने का पूरा अवसर नहीं दिया गया. मैं पूरी गंभीरता के साथ यह इल्जाम लगा रहा हूं.

सीएम केजरीवाल का अगुवाई कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कानूनी मिसालों का हवाला देते हुए रोक लगाने के निवेदन का विरोध किया था.

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि मुद्दे की पूरी सुनवाई होने तक जमानत आदेश लागू नहीं किया जाना चाहिए.

रिहाई पर रोक लगाते हुए पीठ ने कहा, ”जमानत आदेश लागू नहीं होगा. हमने अभी आखिरी आदेश पारित नहीं किया है. आप जितना चाहें बहस कर सकते हैं.

Back to top button