HC के सामने यह मांग रखने वाले हैं CM सिद्धरमैया
कर्नाटक के सीएम सिद्धरमैया ने बृहस्पतिवार को एक बार फिर दोहराया कि वह अपने पद से त्याग-पत्र नहीं देंगे. उन्होंने मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) द्वारा उनकी पत्नी को 14 भूखंड आवंटित किए जाने में किसी भी तरह की अनियमितता के आरोपों को भी खारिज कर दिया. सिद्धरमैया ने स्वयं पर लगे आरोपों को बीजेपी (भाजपा) का षड़यंत्र करार देते हुए बोला कि वह कानूनी लड़ाई लड़ेंगे.

सोमवार को उच्च न्यायालय की सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती देने के लिए सीएम कर्नाटक हाई कोर्ट की डबल बेंच में अपील कर सकते हैं. सिंगल बेंच ने सीएम पर केस चलाने के लिए गवर्नर की स्वीकृति को हरी झंडी दी थी. इसके बाद बुधवार को बेंगलुरु की एक विशेष न्यायालय ने MUDA भूमि आवंटन “घोटाले” में सीएम के विरुद्ध मैसूर में लोकायुक्त पुलिस द्वारा जांच कराने का आदेश दिया था, जिसके साथ ही उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का रास्ता साफ हो गया.
उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने भी सिद्धरमैया के इस्तीफे की आसार से इनकार किया है. दूसरी तरफ, गुरुवार को विपक्षी बीजेपी (भाजपा) ने सिद्धारमैया के इस्तीफे की मांग करते हुए विधान सौधा में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना दिया. विधान सभा और विधान परिषद में विपक्ष के नेता आर अशोक और चालावाड़ी नारायणस्वामी के नेतृत्व में कई पार्टी विधायकों और नेताओं ने तख्तियां लेकर और नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया.
विपक्षी नेताओं ने बोला कि अब तक सिद्धारमैया के विरुद्ध दो अदालती आदेश आ चुके हैं, इसलिए उन्हें तुरंत त्याग-पत्र देना चाहिए. उन्होंने कहा, जब हमने पहली बार विधानसभा के अंदर और बाहर विरोध प्रदर्शन किया तो उन्होंने (सीएम और कांग्रेस) इसे राजनीति से प्रेरित कहा और जब गवर्नर का आदेश आ गया है तो वो कह रहे हैं कि यह केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली गवर्नमेंट के इशारे पर हो रहा है. अब हाई कोर्ट और विशेष कोर्ट ने आदेश दिया है, उन्होंने आरोपों में सच्चाई पाई है और बोला है कि इसकी जांच की जानी चाहिए. इसलिए मुख्यमंत्री को त्याग-पत्र दे देना चाहिए.
इस पर सिद्धारमैया ने संवाददाताओं से कहा, “इस्तीफा देने का प्रश्न ही नहीं उठता, क्योंकि मैंने कोई गलत काम नहीं किया है. यह (उनके विरुद्ध आरोप) बीजेपी की षड्यंत्र है.” उन्होंने कहा, “….क्या पीएम (गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेन्द्र मोदी) ने गोधरा काण्ड के चलते त्याग-पत्र दे दिया था? (एच डी) कुमारस्वामी (जेडीएस के नेता) नरेन्द्र मोदी की गवर्नमेंट में मंत्री हैं, वे जमानत पर हैं, क्या उन्होंने त्याग-पत्र दिया है?”
मुख्यमंत्री ने पूछा, “क्या उन्होंने त्याग-पत्र दिया? क्या वे शर्मिंदा नहीं हैं? मैं त्याग-पत्र नहीं दूंगा. मैं कानूनी लड़ाई लड़ूंगा.” वहीं शिवकुमार ने कहा, “मुख्यमंत्री त्याग-पत्र नहीं देंगे. यह बीजेपी और जनता दल एस की सियासी षड्यंत्र है. वे इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं कि जनता को हमारी पांच गारंटी योजनाओं का फायदा मिल रहा है.”

