नतीजों के बाद पहली बार RSS प्रमुख मोहन भागवत से मिलेंगे CM Yogi
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ 15 जून को आरएसएस प्रशिक्षण सत्र में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात करेंगे. 4 जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद दोनों के बीच यह पहली मुलाकात होगी. आनें वाले बैठक भागवत के उस बयान के कुछ दिनों बाद हुई है जिसमें उन्होंने बोला था कि एक सच्चा ‘सेवक’ अहंकारी नहीं होता है और गरिमा बनाए रखते हुए लोगों की सेवा करता है. लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद उनकी पहली टिप्पणी के हिस्से के रूप में, जिसने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए गवर्नमेंट को रिकॉर्ड तीसरा कार्यकाल दिया, लेकिन कम जनादेश के साथ.

भाजपा के वैचारिक गुरु, आरएसएस के प्रमुख के शब्द इसलिए जरूरी हैं क्योंकि आक्रामक चुनाव अभियान के बावजूद पार्टी एनडीए के महत्वाकांक्षी ‘400 पार’ आह्वान से काफी पीछे रह गई. पार्टी 272 के बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने में भी विफल रही – उसने 543 लोकसभा सीटों में से 240 सीटें जीतीं – क्योंकि एक एक्टिव इण्डिया गुट ने मोदी लहर को रोक दिया. केंद्र में गठबंधन गवर्नमेंट बनाने के लिए बीजेपी ने टीडीपी के एन चंद्रबाबू नायडू और जेडी (यू) के नीतीश कुमार सहित एनडीए सहयोगियों पर भरोसा किया.
कल की बैठक के दौरान, आदित्यनाथ और भागवत के बीच लोकसभा चुनाव, यूपी में आरएसएस के विस्तार और भलाई के अन्य मुद्दों पर चर्चा होने की आसार है. लोकसभा चुनावों में, बीजेपी को यूपी में आश्चर्यजनक झटका लगा, और सिर्फ़ 33 सीटें ही जीत पाईं, जो 2019 में मिली 62 सीटों से कम है. कांग्रेस-समाजवादी पार्टी गठबंधन ने 43 सीटें जीतीं. इससे पहले, भागवत ने चिउटाहा क्षेत्र के एसवीएम पब्लिक विद्यालय में चल रहे संघ कार्यकर्ता विकास वर्ग शिविर में स्वयंसेवकों को संबोधित किया, जहां 3 जून से एक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें लगभग 280 स्वयंसेवी कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं.

