कोल घोटाला मामला : मोइनुद्दीन-रोशन 28 जून तक रिमांड पर…
छत्तीसगढ़ में कोल लेवी वसूली मुद्दे में EOW की हिरासत में चल रहे 5 आरोपियों को शनिवार को रायपुर के स्पेशल न्यायालय में पेश किया गया. EOW ने सभी अरोपियों की रिमांड बढ़ाने की मांग की थी. दोनों पक्षों में सुनवाई होने के बाद न्यायालय ने मोइनुद्दीन कुरैशी और रोश

गौरतलब है कि पांचों आरोपी कोल घोटाले मुद्दे के किंग पिन सूर्यकांत तिवारी के साथ मिलकर काम करते थे. इन सभी पर इल्जाम है कि कोयला लेवी के पैसों का कलेक्शन करते और उसे सिंडिकेट से जुड़े लोगो और ऑफिसरों तक पहुंचाते थे.
18 जून को हुई थी गिरफ्तारी
18 जून को EOW ने कोल स्कैम से जुड़े मोइनुद्दीन कुरैशी, रोशन कुमार सिंह, पारेख कुमार कुर्रे, राहुल कुमार सिंह और मोंटू उर्फ वीरेंद्र कुमार जायसवाल को अरैस्ट किया था. EOW ने सभी को एक साथ बैठाकर 5 दिन तक पूछताछ की है. मिली जानकारी के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कोल स्कैम सिंडिकेट से अन्य लोगो के ठिकानों के बारे मे कहा है . वही इस मुद्दे से जुड़े अन्य लोगो की गिरफ्तारी हो सकती है.
24 जून को पेशी
कोल घोटाले मुकदमा में EOW की हिरासत में चल रहे व्यवसायी हेमंत जायसवाल, चन्द्रप्रकाश जायसवाल और निखिल चंद्राकार 24 जून को न्यायालय में पेश किया जाएगा. आर्थिक क्राइम अन्वेषण ब्यूरो ने इन कारोबारियों को 13 जून को बिलासपुर और कोरबा से अरैस्ट किया गया था.
अन्य लोगो की होगी गिरफ्तारी
कोल घोटाले मुद्दे में EOW की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है. प्रवर्तन निदेशालय की जांच में जिन लोगो के नाम इस घोटाले से जुड़े है एक-एक कर EOW के अधिकारी उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे है. वही जल्द ही इस मुद्दे से जुड़े अन्य लोगो की गिरफ्तारी हो सकती है.
सिंडिकेट बनाकर हुई 570 करोड़ की वसूली
छत्तीसगढ़ में गैरकानूनी कोल लेवी वसूली का मुद्दा प्रवर्तन निदेशालय की रेड में सामने आया था. दावा है कि, कोल परिवहन में कोल व्यापारियों से वसूली करने के लिए औनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था. खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर बिश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया था.
इसके लिए सिंडिकेट बनाकर वसूली की जाती थी. पूरे मुद्दे का मास्टरमाइंड किंगपिन कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना गया. जो व्यापारी 25 रुपए प्रति टन के हिसाब से गैरकानूनी धनराशि सूर्यकांत के कर्मचारियों के पास जमा करता था. उसे ही खनिज विभाग पीट पास और परिवहन पास जारी करता था. इस तरह से स्कैम कर कुल 570 करोड़ रुपए की वसूली की गई.
| कोल मुद्दे में इन आरोपियों पर FIR |
| 1. कवासी लखमा, विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री |
| 2. देवेंद्र यादव, विधायक |
| 3. अमरजीत भगत, पूर्व खाद्य मंत्री |
| 4. बृहस्पत सिंह, पूर्व विधायक |
| 5. गुलाब कमरो, पूर्व विधायक |
| 6. शिशुपाल सोरी, पूर्व विधायक |
| 7. चंद्रदेव प्रसाद राय, पूर्व विधायक |
| 8. यूडी मिंज, पूर्व विधायक |
| 9. समीर विश्नोई, निलंबित IAS |
| 10. रानू साहू, निलंबित IAS |
| 11. सौम्या चौरसिया, पूर्व उप सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय |
| 12. संदीप कुमार नायक, सहायक खनिज अधिकारी |
| 13. शिवशंकर नाग, खनिज अधिकारी |
| 14. सूर्यकांत तिवारी, कोल कारोबारी |
| 15. मनीष उपाध्याय |
| 16. रौशन कुमार सिंह |
| 17. निखिल चंद्राकर |
| 18. राहुल सिंह |
| 19. पारिख कुर्रे |
| 20. मोइनुद्दीन कुरैशी |
| 21. वीरेंद्र जायसवाल |
| 22. रजनीकांत तिवारी |
| 23. हेमंत जायसवाल |
| 24. जोगिंदर सिंह |
| 25. नवनीत तिवारी |
| 26. दीपेश टांक |
| 27. देवेंद्र डडसेना |
| 28. राहुल मिश्रा |
| 29. रामगोपाल अग्रवाल, तत्कालीन कोषाध्यक्ष, कांग्रेस |
| 30. राम प्रताप सिंह, तत्कालीन प्रवक्ता कांग्रेस |
| 31. विनोद तिवारी, पीईपी |
| 32. इदरीश गांधी, पीईपी |
| 33. सुनील कुमार अग्रवाल |
| 34. जय |
| 35. चंद्रप्रकाश जायसवाल |
| 36. लक्ष्मीकांत तिवारी |

