बिलासपुर में कोचिंग संस्थानों की जांच के लिए समिति गठित
दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन विद्यार्थियों की मृत्यु के बाद छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में प्रशासन अलर्ट हो गया है. कलेक्टर अवनीश शरण ने एसडीएम की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति बनाई है जो सुरक्षा मानकों पर कोचिंग संस्थानों की जांच करेगी और 10 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

छत्तीसगढ़ का बिलासपुर तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे पीएससी, यूपीएससी, नेट, स्लेट, सिविल जज, एडीपीओ और व्यापम आदि की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों का गढ़ माना जाता है. यहां गांधी चौक पर कई कोचिंग केंद्र हैं जिनमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं तैयारी के लिए आते हैं.
बिलासपुर के गांधी चौक में कई कोचिंग कॉम्प्लेक्स और बिल्डिंग का संचालन होता है. कई कोचिंग केंद्र किराये के भवनों में भी संचालित होते हैं. प्रदेश भर के युवा यहां आकर भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. कलेक्टर अवनीश शरण ने कोचिंग में सुरक्षा मानकों की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई है. में एसडीम बिलासपुर अध्यक्ष होंगे. इसके अतिरिक्त एडिशनल एसपी शहर, अप्रयुक्त नगर पालिका निगम, होमगार्ड के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट और अपर संचालक उच्च शिक्षा सदस्य है.जांच समिति बुधवार शाम शहर के कोचिंग सेंटर पहुंची जहां कृषि कोचिंग सेंटर में अव्यवस्था पाई गई. कोचिंग सेंटर संचालक को नोटिस जारी कर फायर सेफ्टी को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए.इसके अतिरिक्त दिल्ली आईएएस, कल्पवृक्ष, आचार्या और मोशन कोचिंग सेंटरों की जांच की गई, जिसमें पार्किंग और फायर की कमियां पाई गई. इन खामियों को तीन दिन के भीतर ठीक करने का निर्देश दिया गया है. इसके बाद कार्रवाई की जाएगी.उल्लेखनीय है कि 27 जुलाई को दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर क्षेत्र में राऊ कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर गया था. इसमें डूबने से यूपीएससी की तैयारी करने वाले तीन विद्यार्थियों तानिया सोनी, श्रेया यादव और नवीन डेल्विन की मृत्यु हो गई थी

