कमलनाथ को लेकर जारी अटकलबाजी से आम कार्यकर्ता पड़े असमंजस में…
भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ और उनके पुत्र छिंदवाड़ा के सांसद नकुलनाथ के बीजेपी में शामिल होने की भले ही अब भी अटकलबाजियां जारी होंं, मगर कांग्रेस पार्टी के नेताओं के बयानों ने आम कार्यकर्ता को असमंजस में जरूर डाल दिया है।

बीते कुछ दिनों से राज्य की राजनीति में एक बार फिर दल बदल की हवा चल रही है और इसी बीच पूर्व सीएम कमलनाथ के बीजेपी में शामिल होने की चर्चाओं ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक की चिंताएं बढ़ा दी हैं। वहीं कई नेताओं के आए बयानों ने तो जमीनी स्तर तक के कार्यकर्ता को असमंजस में डाल दिया है।
बीते दो दिनों के कांग्रेस पार्टी नेताओं के बयान पर गौर करें तो एक पक्ष दावा करता रहा कि कमलनाथ किसी भी मूल्य पर कांग्रेस पार्टी का साथ नहीं छोड़ेंगे, तो वही कुछ नेता कमलनाथ के कांग्रेस पार्टी में अपमान तक होने की बात कहने से नहीं हिचके।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बोला कि उनकी कमलनाथ से टेलीफोन पर बात हुई है उन्होंने बोला है कि जीतू मीडिया में जो बातें आ रही हैं, यह भ्रम है। मैं कांग्रेसी था, हूं और रहूंगा । लोकतंत्र में हार जीत होती रहती है। हर हालात में उन्होंने दृढ़ता से कांग्रेस पार्टी के विचार के साथ अपना जीवन जिया है और आगे भी कांग्रेस पार्टी के विचार के साथ आखिरी सांस तक जीवन जिएंगे। यह उनकी स्वयं की भावना है, जो उन्होंने मुझसे बोला है।
वहीं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी कह चुके हैं कि कमलनाथ बीजेपी में नहीं जाएंगे। उनका चरित्र दबाव में आने का नहीं है। वहीं दूसरी ओर कमलनाथ के करीबी और छिंदवाड़ा के पूर्व विधायक दीपक सक्सेना ने कांग्रेस पार्टी में कमलनाथ के अपमान की बात कही है। साथ ही बोला कि कमलनाथ जहां जाएंगे, वहां वे भी होंगे।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी साफ किया है कि कमलनाथ ने यह साफ तौर पर कभी नहीं बोला कि वे बीजेपी में जा रहे हैं। कमलनाथ ने स्वयं कई बार मंच से बोला है कि वह इंदिरा गांधी के तीसरे बेटे हैं, वहीं जो बात मीडिया में चल रही है उसे कमलनाथ ने कभी नहीं स्वीकारा।
उधर, मलनाथ और नकुलनाथ के दिल्ली में होने के चलते उनके समर्थकों का भी दिल्ली पहुंचने का सिलसिला जारी है। वहीं नेताओं के भिन्न-भिन्न आ रहे बयानों ने राज्य के कांग्रेस पार्टी समर्थकों को असमंजस में डाल रखा है । हर कोई एक ही प्रश्न कर रहा है कि क्या कमलनाथ वाकई में बीजेपी में जाएंगे या कांग्रेस पार्टी में ही रहेंगे।

