राष्ट्रीय

कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड पर बोला हमला

 

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तिरुवनंतपुरम: मशहूर सबरीमाला मंदिर से सोना गायब होने के बाद हड़कंप मचा है इस टकराव की वजह से केरल की राजनीति गरमा गई है कांग्रेस पार्टी और बीजेपी (भाजपा) ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) पर धावा कहा है दरअसल, ये मुद्दा 2019 का है कांग्रेस पार्टी के विधानसभा में विरोध के बाद जांच में पता चला है कि मंदिर के अंदर परत से 474.90 ग्राम सोना चोरी हो गया है अब इस टकराव में केरल उच्च न्यायालय की एंट्री हो चुकी है न्यायालय ने एसआईटी का गठन कर जांच के आदेश दे दिए

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त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) की सतर्कता शाखा की जांच रिपोर्ट के आधार पर, केरल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पुलिस की एसआईटी को अपराधी मुकदमा दर्ज करने और 6 हफ्ते में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया इस बीच, यह भी पता चला कि अयप्पा देवता के ‘योग दंड’ (टी-आकार का लकड़ी का दंड) और ‘रुद्राक्ष’ मनका श्रृंखला को 2019 में तत्कालीन देवस्वोम बोर्ड के अध्यक्ष ए पद्मकुमार के बेटे जयशंकर पद्मन ने बिना किसी प्रक्रिया का पालन किए सोने की परत चढ़ा दी थी

55 लाख का सोना गायब हुआ

जस्टिस राजा विजयराघवन वी और जस्टिस केवी जयकुमार की पीठ ने यह निर्देश तब जारी किया जब उसने पाया कि अब तक की गई जांच से, ‘ऐसा प्रतीत होता है कि जहां तक साइड फ्रेम या लिंटल का संबंध है, सोने की हेराफेरी की गई है मंदिर से सोने की कथित हेराफेरी ने राज्य में एक बड़ा सियासी टकराव खड़ा कर दिया है बेंगलुरु के मलयाली उन्नीकृष्णन पोट्टी इन प्लेटों को गैरकानूनी रूप से ले गए थे जांच में पाया गया कि लगभग 474.9 ग्राम सोना गायब हुआ है

सोना गायब करने वाला मुख्यमंत्री का करीबी

पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली सीपीएम गवर्नमेंट के कार्यकाल के दौरान हुई घोर घोटालाबाजी के सामने आन के बावजूद, सीपीएम मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी के साथ-साथ कुछ देवस्वओम बोर्ड के ऑफिसरों पर सारा गुनाह मढ़कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की प्रयास कर रही है हालांकि, सीएम पिनाराई विजयन ने शुक्रवार को फिर से दोहराया कि सभी उत्तरदायी लोगों के ख़िलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी

रेनोवेशन के नाम पर धांधली

सबरीमाला मंदिर में पैनलों से सोने की कथित चोरी और हेराफेरी को लेकर चल रहे टकराव के केंद्र में यह प्रश्न बना हुआ है क्या द्वारपालक मूर्तियों पर वास्तव में 1998 में तत्कालीन यूबी समूह के अध्यक्ष विजय माल्या द्वारा दिए गए दान के अनुसार सोने की परत चढ़ाई गई थी या वे सिर्फ़ सोने की परत चढ़ी तांबे की चादरें थीं? केरल उच्च न्यायालय ने पैनलों से सोने की कथित चोरी की जांच के लिए केरल पुलिस की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था 2019 में रेनोवेशन के लिए सोने से मढ़ी चादरों को चेन्नई की एक निजी फर्म में लाया जाया गया था, जहां से गड़बड़ी प्रारम्भ हुई

विपक्ष की राजनीति

इस बीच, विपक्षी कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट और बीजेपी राज्यव्यापी आंदोलन चलाकर इस मामले को भुनाने में लगे हैं कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को ‘विश्वास संगम’ (आस्थावानों का जमावड़ा) भी आयोजित किया, जिसमें पार्टी के सभी शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया राज्य भर में क्षेत्रीय रैलियां की जाने लगी हैं ऐसा माना जाता है कि यहीं पर अयप्पा ने अपना बचपन बिताया था सबरीमाला तंत्री कंदरारू राजीवारू ने बोला कि मंदिर से सोना गायब होने की समाचार सुनकर बहुत दुख हुआ. उन्होंने यह भी बोला कि मंदिर को लेकर चल रहे टकराव से श्रद्धालु बहुत आहत हैं

 

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