बड़कागांव में आमने-सामने आएंगे कांग्रेस और बीजेपी के प्रत्याशी
कोयला खदानों के गढ़ बड़कागांव सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प। कांटे के मुकाबले में भाजपा और कांग्रेस पार्टी में होगी आमने-सामने की टक्कर। जयराम की पार्टी भी लड़ाई में, 456 बूथ पर 386000 मतदाता करेंगे वोट।

झारखंड विधानसभा चुनाव में खनिज संपदा से भरपूर बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र एक हॉट सीट बनी हुई है। यहां पर पहले चरण में 13 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र में होने वाले मतदान को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र में कुल 456 बूथ हैं। साथ ही 386000 मतदाता हैं। मतदान के लिए कुल 2220 मतदानकर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर केंद्रीय अर्धर्सेनिक बल और झारखंड पुलिस की तैनाती की गई है। सभी बूथों को सीसीटीवी कैमरे से लैश किया गया है। यहां से लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी साथ ही पहली बार ईएवीएम ले जाने वाले वाहनों को जीपीएस ट्रैकिंग से नज़र की जाएगी। बता दें कि बीते 15 सालों से यहां पर कांग्रेस पार्टी पार्टी का कब्जा है। इस बार भाजपा ने बड़कागांव सीट को अपने खाते में लेते हुए आजसू पार्टी के यहां से लगातार उम्मीदवार रहे रोशन लाल चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया है। एनडीए के एकजुट होने के बाद बड़कागांव में मुकाबला काफी दिलचस्प और कांटे का दिख रहा है।
बता दें कि सबसे पहले यहां वर्तमान विधायक अंबा प्रसाद के पिता योगेंद्र साव ने काफी अरसे बाद कांग्रेस पार्टी का खाता खोला था। उसके बाद अंबा प्रसाद की मां निर्मला देवी यहां से विधायक चुनी गईं। 2019 में अंबा प्रसाद ने यहां आजसू पार्टी के रोशन लाल चौधरी को 31000 से अधिक मतों से पराजित किया था। पिछले चुनाव में एनडीए की घटक दल बीजेपी और आजसू पार्टी भिन्न-भिन्न लड़े थे। ऐसे में अंबा प्रसाद की सरलता से जीत हो गई थी।
गौरतलब है कि वैश्य-तेली और कोइरी कुशवाहा बहुल इस सीट पर बीते 30 सालों से कोइरी-कुशवाहा और वैश्य तेली समुदाय से ही विधायक बनते आ रहे हैं। साल 1995 से 2009 तक यहां पर कोइरी कुशवाहा जाति से आने वाले बीजेपी के लोकनाथ महतो लगातार 15 सालों तक विधायक बने। साल 2009 में वैश्य-तेली समाज से आने वाले कांग्रेस पार्टी के योगेंद्र साहू ने यहां पर 2009 में भाजपा के लोकनाथ महतो को 1100 वोटों से पराजित किया था। इसके बाद 2015 के चुनाव में योगेंद्र साव की पत्नी निर्मला देवी ने आजसू पार्टी के उम्मीदवार रोशन लाल चौधरी को मात्र 411 वोटों से पराजित किया था।
वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में योगेंद्र साव और निर्मला देवी की बड़ी बेटी अंबा प्रसाद ने रोशन लाल चौधरी को भारी मतों से पराजित किया था। लेकिन, 2019 के चुनाव में एनडीए की घटक बीजेपी-आजसू भिन्न-भिन्न लड़े थे। इस कारण अंबा प्रसाद को इसका सीधा फायदा मिला और वो पहली बार विधायक चुनी गई थीं। इस बार कयास लगाये जा रहे हैं कि रोशन लाल चौधरी कुर्मी महतो जाति से आते हैं। ऐसे में उन्हें कुर्मी महतो के अलावे इस बार कोइरी-कुशवाहा, पचपनिया जाति के अलावे आजसू- भाजपा के कैडर वोट और दूसरे परंपरागत वोट मिलेंगे। जबकि, अंबा प्रसाद को वैश्य के अलावे मुस्लिम, आदिवासी, एससी और कांग्रेस पार्टी के अतिरिक्त झामुमो के कैडर वोट मिलेंगे। ऐसे में यहां पर मुकाबला कांटे का दिख रहा है।
हालांकि, इस मुकाबले को जयराम की पार्टी जेएलकेएम के कोइरी-कुशवाहा जाति से आने वाले बालेश्वर कुमार भी त्रिकोणीय बनाने में लगे हुए हैं। अब देखना होगा कि इस बार बड़का गांव की जनता किसके सिर पर जीत का सेहरा बांधत

