कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को इस बात पर बल दिया कि लोकसभा चुनाव में प्राथमिक चिंता बेरोजगारी का मामला है, जिसके लिए उन्होंने बीजेपी (भाजपा) को उत्तरदायी ठहराया. उन्होंने पीएम मोदी के 2 करोड़ नौकरियां पैदा करने के आश्वासन की भी निंदा की और बोला कि यह युवाओं की आकांक्षाओं पर कुठाराघात करता है.
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक व्यापक पोस्ट में, खड़गे ने कहा, “इन लोकसभा चुनावों में प्रमुख मामला बेरोजगारी है, जो बीजेपी द्वारा थोपी गई है. हमारे युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं, जो हमारे जनसांख्यिकीय भविष्य के लिए एक गंभीर तस्वीर पेश कर रहा है.” खड़गे ने आगे बोला कि, “भारत के प्रमुख संस्थानों – आईआईटी और आईआईएम की स्थिति पर विचार करें. 12 आईआईटी में, लगभग 30% विद्यार्थियों को नियमित प्लेसमेंट हासिल करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इसी तरह, 21 आईआईएम में से सिर्फ़ 20% ने ग्रीष्मकालीन प्लेसमेंट पूरा किया है. यदि यह परिदृश्य है खड़गे ने विस्तार से बताया, ”हमारे शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों को देखकर कोई भी अनुमान लगा सकता है कि बीजेपी ने राष्ट्र भर में हमारे युवाओं की संभावनाओं को कैसे खतरे में डाला है.”
उन्होंने बोला कि “मोदी गवर्नमेंट के अनुसार युवा बेरोजगारी रेट 2014 के बाद से तीन गुना हो गई है. तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की हालिया हिंदुस्तान रोजगार रिपोर्ट के अनुसार, सालाना 70-80 लाख युवाओं को कार्यबल में जोड़ने के बावजूद, रोजगार में न्यूनतम वृद्धि हुई है. 2012 और 2019 – सिर्फ़ 0.01% की वृद्धि.” कांग्रेस नेता ने टिप्पणी की, “2 करोड़ नौकरियां प्रदान करने की ‘मोदी की गारंटी’ हमारे युवाओं के लिए एक बुरे सपने की तरह है.” उन्होंने बोला कि, “25 साल से कम उम्र का डिप्लोमा या डिग्री रखने वाला कोई भी आदमी अब रोजगार की मांग करने और न्यूनतम 1 लाख रुपये का वार्षिक भुगतान प्राप्त करने का कानूनी हकदार होगा. इस पहल का उद्देश्य शिक्षा और रोजगार के बीच अंतर को पाटना है, जिससे रोजगार में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा.“
खड़गे ने शनिवार को दोहराया कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के उल्टा उनकी पार्टी झूठे वादों का प्रचार नहीं करती। ये बयान शुक्रवार को ‘न्याय पत्र’ शीर्षक से कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र के जारी होने के बाद आए, जबकि बीजेपी की निंदा ने इसे “झूठे दावों का बंडल” करार दिया. खड़गे ने बोला कि, “अगर हमारी पार्टी सत्ता में आती है तो हमने 25 आश्वासनों को पूरा करने का वादा किया है. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के विपरीत, हम असत्य में शामिल नहीं हैं. उन्होंने कई वादे किए हैं, लेकिन मैं प्रश्न करता हूं कि क्या उनमें से कोई भी पूरा हुआ है. उन्होंने सालाना 2 करोड़ नौकरियां पैदा करने का वादा किया था. इसलिए, पिछले एक दशक में, 20 करोड़ नौकरियां पैदा होनी चाहिए थीं. मैं पूछता हूं कि क्या ये 20 करोड़ नौकरियां साकार हो पाई हैं.”
इससे पहले शुक्रवार को, कांग्रेस पार्टी ने सात चरण के लोकसभा चुनावों के लिए अपने ‘न्याय पत्र’ घोषणापत्र का अनावरण किया, जिसमें अन्य प्रतिबद्धताओं के अलावा, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित किया गया. लोकसभा चुनाव सात चरणों में होने वाले हैं, जो 19 अप्रैल से प्रारम्भ होंगे और वोटों की गिनती 4 जून को होगी

