कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकार की तरफ से पेश किए गए तीनों बिल का किया समर्थन
Shashi Tharoor statement: कांग्रेस सांसद शशि थरूर के सुर बदल गए हैं। बीते कई महीनों से शशि थरूर पार्टी लाइन से हटकर बयान दे रहे हैं, ये आलम एक बार फिर देखा गया। उन्होंने गंभीर आपराधिक आरोपों में फंसे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को हटाने संबंधी विधेयक के साथ- साथ लोकसभा में गवर्नमेंट की तरफ से पेश किए गए तीनों बिल का समर्थन किया। थरूर ने बोला कि यदि पहली नजर में, यह उचित लगता है, आप 30 दिन कारावास में बिताएं, तो क्या आप मंत्री बन सकते हैं? यह सामान्य ज्ञान की बात है, इसमें मुझे कुछ भी गलत नहीं लगता है। इसके अतिरिक्त क्या कुछ बोला जानते हैं।

आगे बोलते हुए बोला कि जहां तक मेरा प्रश्न है, मैं उन विधेयकों को इतनी अच्छी तरह नहीं जानता कि आपको कोई टिप्पणी दे सकूं। पहली नजर में, यह उचित लगता है कि जो कोई भी गलत करता है उसे दंड मिलना चाहिए और उसे किसी उच्च कानूनी पद या सियासी पद पर नहीं होना चाहिए। इसके अतिरिक्त बोला कि यदि इस बिल को शोध के लिए समिति के पास भेजा जाता है तो यह अच्छी बात होगी और समिति के भीतक चर्चा होना हमारे लोकतंत्र के लिए अच्छा है।
विपक्षी पार्टियों का हल्ला बोल
जहां पर एक तरफ कांग्रेस पार्टी सांसद शशि थरूर ने इस बिल का समर्थन किया, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी सहित तमाम विपक्षी पार्टियां इसके विरुद्ध मैदान में उतर आई हैं। इसे लेकर आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा, “सरकार के पुराने बिलों में जनता का भलाई कम और अपने विरोधियों को हानि पहुंचाने की मंशा अधिक दिखाई देती है। मैं स्पीकर साहब से मांग करूंगा कि हमें JPC का हिस्सा बनाया जाए। वहीं कांग्रेस पार्टी नेता राजीव शुक्ला ने कहा, “विपक्ष को संभावना है कि इसमें विपक्ष के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को ही परेशान किया जाएगा और उन्हें पद से हटाने की प्रयास होगी। जबकि कांग्रेस पार्टी सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बोला कि कल को आप किसी भी सीएम पर कोई भी मुद्दा लगा सकते हैं, उसे बिना दोषसिद्धि के 30 दिनों के लिए अरैस्ट कर सकते हैं और वह सीएम नहीं रहेगा। यह पूरी तरह से संविधान-विरोधी, अलोकतांत्रिक और बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
सरकार ने पेश किए तीन बिल
लोकसभा में आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025, केंद्र शासित प्रदेश गवर्नमेंट (संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किए। पेश किए जाने वाले 130वें संविधान संशोधन विधेयक 2025 में प्रस्तावित है कि पीएमसे लेकर मुख्यमंत्री और मंत्री तक, कोई भी अरैस्ट होता है तो और लगातार 30 दिन से अधिक न्यायिक हिरासत में रहता हैतो उसे 31वें दिन त्याग-पत्र देना होगा या फिर उसे बर्खास्त कर दिया जाएगा।
F&Q
सवाल- शशि थरूर ने पार्टी लाइन से हटकर इसके पहले भी बयान दिया था?
जवाब- हां, इसके पहले कांग्रेस पार्टी सांसद ने पार्टी लाइन से हटकर कई बयान दिया है। टैरिफ वाले मामले पर भी कुछ ऐसी ही बयानबाजी की थी।

