राष्ट्रीय

कांग्रेस पार्टी करेगी जय हिंद सभा आयोजित

नई दिल्ली, 15 मई . ऑपरेशन सिंदूर के बाद जहां देशभर में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है. वहीं, कांग्रेस पार्टी पार्टी आने वाले दिनों में जय हिंद सभा आयोजित करेगी. इस सभा में रिटायर सेना के अधिकारी भी शामिल होंगे. इस बात की जानकारी गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कांग्रेस पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने दी.Download 11zon 46

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केसी वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी हमारे सशस्त्र बलों की सर्वोच्च बहादुरी और कामयाबी को सलाम करने के लिए पूरे हिंदुस्तान में ‘जय हिंद सभा’ आयोजित करेगी.

वेणुगोपाल ने पोस्ट में कहा कि जय हिंद सभा में पहलगाम आतंकवादी हमले में सुरक्षा चूक और सीजफायर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता के बारे में प्रश्न पूछे जाएंगे. कांग्रेस पार्टी की यह जय हिंद सभा 20 मई से प्रारम्भ होगी. यह सभा 30 मई तक दिल्ली, बाड़मेर, शिमला, हल्द्वानी, पटना, जबलपुर, पुणे, गोवा, बेंगलुरु, कोच्चि, गुवाहाटी, कोलकाता, हैदराबाद, भुवनेश्वर और पठानकोट में आयोजित की जाएंगी, जिसमें सेना के दिग्गज, पार्टी नेता और आम जनता शामिल होगी.

इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस पार्टी सांसद जयराम रमेश मीडिया से वार्ता में उन राज्यों का जिक्र किया था जहां वे जय हिंद सभा रैली करेंगे. हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता इसमें भाग लेंगे और हम पीएम मोदी से कई प्रश्न पूछेंगे. हमारी पार्टी की ओर से पहले ही कई प्रश्न पूछे जा चुके हैं. 16 मई को राहुल गांधी भी कुछ प्रश्न पूछेंगे. इन सभाओं में हम पीएम मोदी से पूछेंगे कि वे चुप क्यों हैं? कश्मीर की चर्चा भारतीय संसद में हो सकती है. इसके अतिरिक्त कहीं और नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने आगे बोला कि ऑपरेशन सिंदूर का राजनीतिकरण करना गलत है, क्योंकि हमने सुरक्षा का कभी राजनीतिकरण नहीं किया है. अब समाचार यह भी आई है कि 25 तारीख को पीएम मोदी एनडीए के मुख्यमंत्रियों से मिल रहे हैं, वे क्यों नहीं राष्ट्र के सारे मुख्यमंत्रियों से मिलते हैं. आखिर, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना, हिमाचल, पंजाब, जम्मू और कश्मीर के सीएम की क्या गलती है. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी केवल एनडीए के मुख्यमंत्रियों को बुलाएंगे और उनसे वार्ता करेंगे. यह राजनीतिकरण नहीं है तो और क्या है. एक तरफ कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष खड़गे और राहुल गांधी एकता और एकजुटता की बात कर रहे हैं. दूसरी तरफ प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी गंभीर प्रश्न पर चुप हैं, वे बोलते नहीं हैं.

 

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