कोटा में कांग्रेस ने शुरू कर दिया प्रदर्शन, इस फैसले को लेकर हैं खफा
जिले के लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र में कैथून नगर पालिका और उससे जुड़ी तीन ग्राम पंचायतों – खेड़ारामपुर, भीमपुरा और आरामपुरा – को नगर निगम क्षेत्र में शामिल किए जाने के फैसला का कांग्रेस पार्टी ने विरोध किया है.
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इस निर्णय के विरुद्ध शहर और ग्रामीण कांग्रेस पार्टी नेताओं के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं ने सर्किट हाउस से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला. कलेक्ट्रेट पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने राज्य गवर्नमेंट पर क्षेत्रीय निकाय और पंचायत संस्थाओं को कमजोर करने का इल्जाम लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा.
कांग्रेस नेता नईमुद्दीन गुड्डू ने इसे बीजेपी गवर्नमेंट की सोची-समझी षड्यंत्र करार दिया. उन्होंने बोला कि गवर्नमेंट जानबूझकर कैथून पालिका और उससे जुड़ी ग्राम पंचायतों को निगम क्षेत्र में मिलाकर कांग्रेस पार्टी के जनाधार को कमजोर करना चाहती है.
कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष रविंद्र त्यागी ने इल्जाम लगाया कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों को निलंबित कर लोकतांत्रिक प्रबंध के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने बोला कि कैथून पालिका में लंबे समय से कांग्रेस पार्टी का बोर्ड बनता आ रहा है और अब इसे कमजोर करने की प्रयास की जा रही है.
देहात कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष भानु प्रताप ने चेतावनी दी कि यदि गवर्नमेंट ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे.
कैथून पालिका अध्यक्ष आईना महक ने भी इस निर्णय को अव्यवहारिक बताया. उन्होंने बोला कि कोटा शहर से कैथून की दूरी 20 किलोमीटर से अधिक है और यदि निगम क्षेत्र में शामिल किया जाता है तो क्षेत्रीय लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए शहर तक आना पड़ेगा, जिससे समय और पैसा दोनों की बर्बादी होगी.
प्रदर्शन में शहर और देहात कांग्रेस पार्टी इकाई के पदाधिकारी, कैथून क्षेत्र से आए कार्यकर्ता और क्षेत्रीय लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए.

