पाकिस्तान को ऐसे सबक सिखाएगी सरकार, कांग्रेस ने दिया ये बड़ा आइडिया
जब से पहलगाम आतंकवादी धावा हुआ है, देशभर के लोगों का खून खौल रहा है। ‘कल्पना से परे’ क्या एक्शन होगा, जिसकी बात पीएम नरेंद्र मोदी ने की है? भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी के भीतर से एक ऑप्शन सुझाया गया है। संयुक्त देश में लंबे समय तक काम कर चुके पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस पार्टी सांसद शशि थरूर ने कई विकल्पों की बात की है।

एक लेख में उन्होंने बोला कि हिंदुस्तान नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार POK में आतंकवादियों के लॉन्च पैड को निशाना बनाकर सर्जिकल हड़ताल कर सकता है। हमारी एयरफोर्स पाक के भीतर आतंकी ट्रेनिंग कैंपों को उड़ा सकती है। उन्होंने लिखा, ‘एक आसार बालाकोट से बड़े हवाई हमले की है। पाक में आतंकियों के ठिकानों और उनके आकाओं पर टारगेटेड मिसाइल अटैक दूसरा ऑप्शन है।
इसके बाद थरूर ने खुलकर लिखा है कि पाक को एक तरफ बड़ा संदेश देने की आवश्यकता है तो दूसरी तरफ गुप्त ऑपरेशन भी बढ़ाने होंगे। कांग्रेस पार्टी सांसद ने साफ कहा, ‘पाकिस्तान के भीतर रह रहे आतंकियों के टॉप लीडर्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर को सेफ महसूस करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।‘ ऐसा कहते हुए उन्होंने एक बड़ा इशारा भी किया है।
कांग्रेस सांसद ने लेख में बोला है कि हिंदुस्तान को आतंकी कम्युनिकेशन और ऑपरेशंस को रोकने के लिए साइबर युद्ध की रणनीति भी अपनानी चाहिए। उन्होंने आगे तीसरे विकल्प की बात करते हुए बोला कि पहले के ऑपरेशंस में सिर्फ़ थल सेना और भारतीय वायुसेना को तैनात किया गया था, इस बार नौसेना को मूव किया जा सकता है। उन्होंने बोला कि अरब सागर के उत्तरी इलाकों में (अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में) तैनाती से पाकिस्तानी मर्चेंट शिपों पर प्रेशर बनाया जा सकता है। उनका तर्क है कि पहले से मंदी में फंसी पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था की इससे कमर टूट जाएगी और रसूखदार भी प्रभावित होंगे।
उन्होंने आगे बोला कि कूटनीतिक रूप से पाक के सैन्य प्रतिष्ठान पर दबाव बनाने के लिए हिंदुस्तान अंतर्राष्ट्रीय समर्थन जुटाएगा। चुनिंदा सैन्य ऑफिसरों के विरुद्ध प्रतिबंधों को बढ़ावा देना आसान नहीं होगा लेकिन अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर ISI की आतंकवादी साठगांठ को सार्वजनिक रूप से उजागर करने से पाक को अलग-थलग करना चाहिए। पाक की सेना के लिए यह ओसामा बिन लादेन प्रकरण जैसी बदनामी और बढ़ाएगा।
थरूर का यह भी बोलना है कि बाहरी प्रतिक्रिया से इतर हिंदुस्तान को अपने कश्मीर में अपने सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने पर फोकस करना चाहिए। पर्यटक आते रहें, इसके लिए प्रोत्साहन देने के साथ क्षेत्रीय लोगों में सुरक्षा की भावना का मजबूत होना महत्वपूर्ण है।

