राष्ट्रीय
राजस्थान में अकबर को लेकर हुआ विवाद
महाराष्ट्र में राजनेताओं की ओर से की जा रही बयानबाजी के दौरान औरंगजेब और अफजल खान का नाम आजकल खूब सुना जा रहा है तो दूसरी ओर राजस्थान में अकबर को लेकर टकराव हो रहा है. हम आपको बता दें कि राजस्थान के शिक्षा मंत्री और अक्सर अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले मदन दिलावर ने घोषणा कर दिया है कि मुगल बादशाह अकबर का महिमामंडन करने वाली और उन्हें ‘महान’ बताने वाली पुस्तकों को “जला दिया जाएगा.” राजस्थान के शिक्षा मंत्री ने उदयपुर में मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के विवेकानंद बैठक भवन में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की.

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मंत्री ने बोला कि अकबर की तुलना महाराणा प्रताप से करना राजपूत योद्धा और राजस्थान के गौरव का अपमान है. मदन दिलावर ने महाराणा प्रताप को लोगों का रक्षक कहा जिन्होंने कभी आक्रांताओं के सामने झुकना स्वीकार नहीं किया जबकि “अकबर ने अपने लाभ के लिए कई लोगों को मरवाया.” उन्होंने कहा, “अकबर की तुलना महाराणा प्रताप से करना और अकबर को महान बताना, ये मूर्खता थी. ये मेवाड़, राजस्थान, भामाशाह और आन बान शान के प्रतीक महाराणा प्रताप का अपमान है.” मदन दिलावर ने कहा, “हमने सब किताबें देख ली हैं. हमें अब तक (अकबर का महान के रूप में उल्लेख) नहीं (मिला) है.” उन्होंने बोला कि हम उन पुस्तकों को जला देंगे.”
हम आपको बता दें कि मदन दिलावर इससे पहले भी अकबर को दुष्कर्मी और दुराचारी सम्राट बता चुके हैं. वैसे इतिहास गवाह है कि महाराणा प्रताप मेवाड़ के महान राजपूत राजा थे जो मुगल साम्राज्य के विरुद्ध बहादुरी और प्रतिरोध के लिए मशहूर रहे.
जहां तक महाराष्ट्र की राजनीति की बात है तो आपको बता दें कि राज्य के सीएम एकनाथ शिंदे ने अपने प्रतिद्वंद्वी और पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे पर तीखा धावा बोलते हुए उन पर औरंगजेब तथा अफजल खान के कार्यों का अनुकरण करने तथा छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर राजनीति करने का इल्जाम लगाया है. गौरतलब है कि मुगल सम्राट औरंगजेब और शिवाजी के बीच प्रतिद्वंद्विता थी और औरंगजेब ने धोखे से उन्हें कैद कर लिया था. औरंगजेब ने शिवाजी के पुत्र और उत्तराधिकारी छत्रपति संभाजी की मर्डर भी कर दी थी. वहीं बीजापुर के सेनापति अफजल खान को मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी ने मार गिराया था.