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‘गौमूत्र एक औषधि, सोरायसिस जैसी बीमारी होती है ठीक’, सेंथिलकुमार के बयान पर बोली साध्वी प्रज्ञा…

द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) सांसद डीएनवी सेंथिलकुमार एस (Senthil Kumar) के ‘गौमूत्र राज्यों’ (Gaumutra States) वाले विवादित बयान को लेकर जमकर राजनीति गरमा गई है. इसी बीच बीजेपी (भाजपा) सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Pragya Singh Thakur) ने सेंथिलकुमार पर निशाना साधा. उन्होंने बोला कि हमें गर्व है कि हम ‘गौमाता’ के उपासक हैं. उन्होंने बोला कि ‘गौमूत्र’ एक औषधि है. इससे सोरायसिस जैसी रोंगों को ठीक किया जा सकता है. सेंथिलकुमार को राष्ट्र माफी मांगनी चाहिए.

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प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा, “हमें गर्व है कि हम ‘गौमाता’ के उपासक हैं. मध्य प्रदेश में पहले से ही ‘गौमाता’ की पूजा की जा रही है. राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा गायों की रक्षा के लिए सत्ता में आई है. लेकिन DMK सांसद को सदन और राष्ट्र से माफी मांगनी होगी. उन्होंने हिंदी भाषी क्षेत्र और गौमाता का अपमान किया है.

ठाकुर ने दावा किया गौमूत्र एक औषधि है और इससे कई रोंगों को ठीक किया जा सकता है. उन्होंने कहा, “गौमूत्र एक औषधि है. इससे सोरायसिस जैसी रोंगों को ठीक किया जा सकता है. तमिलनाडु और कर्नाटक में भी गौशालाएं हैं. सनातन धर्म के प्रतीकों का अपमान राष्ट्र बर्दाश्त नहीं करेगा.

संसद में क्या कहे सेंथिलकुमार

गौरतलब है कि सेंथिलकुमार ने आज संसद में कहा, “इस राष्ट्र के लोगों को यह सोचना चाहिए कि बीजेपी की ताकत सिर्फ़ हिंदी राज्यों में चुनाव जीतना है, जिन्हें हम आम तौर पर ‘गौमूत्र’ राज्य कहते हैं. उन्होंने कहा, “आप (भाजपा) दक्षिण हिंदुस्तान में नहीं आ सकते. आप देख लीजिए कि केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में चुनाव रिज़ल्ट क्या आया. हम वहां बहुत मजबूत हैं.” उन्होंने कहा, “हमें आश्चर्य नहीं होगी यदि आप इन सारे राज्यों को केंद्र शासित प्रदेशों में बदलने के विकल्प पर विचार करने लगें ताकि आप परोक्ष रूप से यहां सत्ता में आ सकें. आप वहां पैर जमाने का सपना कभी पूरा नहीं कर सकते.

सेंथिलकुमार ने अपने बयान पर दी सफाई

जब मैंने सदन के अंदर बयान दिया तो उस समय गृह मंत्री और बीजेपी सदस्य वहां उपस्थित थे. मैंने पहले भी अपने संसद भाषणों में इसका इस्तेमाल किया है. यह कोई विवादास्पद बयान नहीं था. यदि इससे किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं अगली बार इसका इस्तेमाल करने से बचने का कोशिश करूंगा. मैं यह बताने के लिए कुछ अन्य शब्दों का इस्तेमाल करूंगा कि बीजेपी कहां वोट पाने में मजबूत है.

अलग शब्दों का इस्तेमाल करूंगा

यह पूछे जाने पर कि क्या इस तरह की टिप्पणियों से लोगों की भावनाएं आहत होंगी, सेंथिलकुमार ने कहा, “नहीं, मुझे नहीं लगता कि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं. सदन के अंदर कुछ भी विवादास्पद नहीं था. यदि लोगों को यह विवादास्पद लगता है तो मैं अपने मतलब को समझाने के लिए कुछ अलग शब्दों का इस्तेमाल करूंगा.

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