माकपा कार्यकर्ताओं ने इस मांग के चलते उठाई आवाज, पुलिस के खिलाफ भी दिया बयान
हनुमानगढ़ में माकपा द्वारा भादरा तहसील में उपजिला हॉस्पिटल के ट्रांसफर के विरुद्ध चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान में हिंसक घटनाएं सामने आने का इल्जाम है. माकपा नेताओं ने आज जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. इल्जाम है कि पिछले चार दिनो

माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने बोला कि माकपा कार्यकर्ता जनता से हस्ताक्षर जुटा रहे थे,तभी कुछ असमाजिक तत्वों ने उन्हें निशाना बनाया. इस दौरान क्षेत्रीय पुलिस और अधिकारी सिर्फ़ मूकदर्शक बने रहे,जबकि हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हुआ, जिसमें देखा जा सकता है कि पुलिस की उपस्थिति में माकपा कार्यकर्ता का गला घोंटने की प्रयास की जा रही है.
रघुवीर वर्मा कहे कि हिंसक घटनाओं के दौरान माकपा नेता और पूर्व विधायक बलवान पुनिया भी मौके पर उपस्थित थे, बावजूद इसके पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की. माकपा का इल्जाम है कि क्षेत्रीय थानाधिकारी भूपसिंह सहारण और पुलिस प्रशासन सत्ता के दबाव में हैं और वे इस अत्याचार पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे.
वेद मक्कासर ने बोला कि क्षेत्रीय पुलिस प्रशासन द्वारा हथियारों से लैस लोगों को खुलेआम घूमते हुए देखा जा रहा है, जो माकपा कार्यकर्ताओं और आम जनता को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं. यह पहली बार है जब भादरा क्षेत्र में लोकतांत्रिक ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के विरुद्ध इस तरह की गुंडागर्दी का सामना किया जा रहा है.
माकपा की हनुमानगढ़ तहसील कमेटी ने थानाधिकारी भूपसिंह सहारण को तुरन्त हटाए जाने की मांग की है. पार्टी ने बोला कि लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा की गारंटी देने वाले ऑफिसरों द्वारा इस प्रकार की निष्क्रियता बहुत चिंताजनक है और जनभावना को ध्यान में रखते हुए त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए. माकपा ने प्रशासन से अपील की है कि स्थिति को शांतिपूर्ण बनाने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं और इस प्रकार की हिंसक घटनाओं को रोका जाए.

