पूर्वी राज्यों में आशंकाओं को बढ़ा चुका चक्रवाती तूफान ‘दाना’ पड़ा कमजोर
Why Tropical Cyclone Dana Weaken: राष्ट्र के पूर्वी राज्यों में आशंकाओं को बढ़ा चुका चक्रवाती तूफान ‘दाना’ अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है। इसके कमजोर होने से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के साथ ही झारखंड और बिहार के लोगों के सिर से भी बड़ा खतरा लगभग टल गया है। हालांकि, इन राज्यों के कुछ जिले के लोगों को फिलहाल बारिश से राहत मिलने में समय लग सकता है।

चक्रवाती तूफान ‘दाना’ के कमजोर होने पर क्या कहे IMD के DG?
खतरनाक चक्रवाती तूफान ‘दाना’ के कमजोर होने को लेकर मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक (DG) डाक्टर मृत्युंजय महापात्रा ने कहा, ‘…यह धीरे-धीरे अभी उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है और शुक्रवार शाम तक ही यह कमजोर होते-होते एक गहरे दबाव में बदल जाएगा, लेकिन बारिश जारी रहेगी। कई क्षेत्र में अभी भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। ओडिशा के मयूरभंज, भद्रक, बालासोर, क्योंन्झार में लगातार बारिश होगी…’
चक्रवाती तूफान ‘दाना’ के कमजोर होने पर हैरत के साथ कई सवाल
पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तमाम प्रशासनिक तैयारियों के बावजूद एक-एक मृत्यु और भारी हानि की वजह बना चक्रवाती तूफान ‘दाना’ अचानक क्यों कमजोर होने लगा? उसके लैंडफाल प्रक्रिया में क्यों देरी हुई? साथ ही लैंडफाल के बाद भयंकर चक्रवाती तूफान ‘दाना’ केवल चक्रवात की स्थिति में कैसे आ पहुंचा? मौसम विज्ञान से जुड़े ऐसे कई प्रश्न लोगों के मन में उठने लगे हैं। तमाम लोगों ने तूफान से राहत पर हैरत जताया है।
अचानक क्यों कमजोर होने लगा घातक चक्रवाती तूफान ‘दाना’?
जानकारी के मुताबिक, आमतौर पर चक्रवाती तूफान की लैंडफाल प्रक्रिया 5 से 6 घंटे का समय लगता है। इससे अलग चक्रवाती तूफान ‘दाना’ की लैंडफाल प्रक्रिया में करीबन 8 घंटे का समय लगा था। ओडिशा में रात 12 बजे से भीतरकनिका हवालीखटी नेचरकैंपस के नजदीक लैंडफाल प्रक्रिया प्रारम्भ हुई जो सुबह साढ़े 8 बजे तक चली। इसके बाद भारी हानि के बीच मौसम में अचानक परिवर्तन से घातक चक्रवाती तूफान ‘दाना’ शांत और कमजोर होने लगा।
दो एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन से ‘दाना’ के लैंडफाल प्रक्रिया में देरी
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर की डाइरेक्टर मनोरमा मोहंती ने कहा कि दो एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन के लिए ‘दाना’ के लैंडफाल प्रक्रिया में देरी हुई। क्योंकि चक्रवाती तूफान जब तट की तरफ आगे बढ़ा तो दो एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन गया था। इसका मतलब है चक्रवाती तूफान ‘दाना’ के दोनों तरफ पूर्व और पश्चिम दिशा में दो दबाव का क्षेत्र बन गए थे। ये दोनों तरफ के दबाव ने चक्रवात ‘दाना’ को दबा दिया।
क्यों धीमी हुई चक्रवाती तूफान ‘दाना’ की गति, कैसे पड़ा कमजोर?
इसके अलावा, गर्त से निकलने वाली शुष्क हवा चक्रवाती तूफान ‘दाना’ में प्रवेश कर गई। मौसम वैज्ञानिक मोहंती के मुताबिक, इन वजहों से ही चक्रवाती तूफान ‘दाना’ की गति थोड़ी धीमी हो गई और वह कमजोर पड़ गया। एक और मौसम वैज्ञानिक उमाशंकर दास ने बोला कि चक्रवात को लेकर ज्यादातर पूर्वानुमान ठीक साबित हुआ। चक्रवात कहां से टकराएगा और उस समय हवा की गति क्या होगी जैसे परफेक्ट अनुमान से पहले से तैयारी होने से हानि कम हुआ।
IMD के अनुमानों से कम घातक और कमजोर रहा चक्रवात ‘दाना’
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पूर्व और पश्चिम में दो दबावों के बीच दब जाने के कारण चक्रवाती तूफान ‘दाना’ अनुमान के अनुसार मजबूत या घातक नहीं हो सका। साथ ही इसके लैंडफाल की प्रक्रिया भी लंबे समय तक चली और लैंडफाल वाले क्षेत्र के अतिरिक्त दूसरे क्षेत्रों में वर्षा की मात्रा भी कम रही। इसके कारण भी कमजोर चक्रवात की परफेक्ट भविष्यवाणी में अधिक मुश्किल सामने आई।

