दिल्ली सीएम की जमानत याचिका पर आज आएगा फैसला
अरविंद केजरीवाल दिल्ली शराब घोटाले में आरोपी हैं।दिल्ली मुख्यमंत्री की जमानत याचिका पर आज निर्णय आएगा।ईडी से जुड़े मुकदमा में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है।
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए आज का दिन बहुत अहम है। उच्चतम न्यायालय आज दिल्ली के कथित शराब घोटाले के मुद्दे में कारावास में बंद मुख्यमंत्री की जमानत याचिका पर अपना निर्णय सुनाएगा। इसी मुकदमा में प्रवर्तन निदेशालय से जुड़े मुद्दे में अरविंद केजरीवाल को पहले ही उच्चतम न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। आज CBI से जुड़े करप्शन मुकदमा में राष्ट्र की सबसे बड़ी न्यायालय अपना निर्णय सुनाएगी। इस मुकदमा में पूर्व डिप्टी मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को पहले ही न्यायालय ने पिछले महीने जमानत दे दी थी। अब देखना होगा कि आज केजरीवाल से जुड़े मुकदमा में क्या निर्णय आता है।

सुप्रीम न्यायालय में सुनवाई के दौरान केजरीवाल की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अपनी दलीलें रखी थी। सिंघवी का बोलना था कि प्रवर्तन निदेशालय से जुड़े मुकदमा में उच्चतम न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने के बाद ही CBI ने भी अपने मुकदमा में मुख्यमंत्री को अरेस्ट किया। इससे पहले लंबे वक्त तक उन्होंने अरेस्ट करने की जहमत तक नहीं उठाई। यह गिरफ्तारी गलत भावना से प्रेरित है। लिहाजा केजरीवाल जमानत पाने के हकदार हैं। पूछा गया कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो CBI ने इतने वक्त तक दिल्ली मुख्यमंत्री को अरेस्ट नहीं किया और अचानक प्रवर्तन निदेशालय से जुड़े मुकदमा में जमानत मिलने के बाद ही उन्हें सलाखों के पीछे डाल दिया गया।
अरविंद केजरीवाल पर क्या है आरोप?
पेश मुद्दे में जांच एजेंसियों का इल्जाम है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया ने मिलकर एक षडयंत्र रचा। उन्होंने एक शराब नीति बनाई, जिसका मकसद साउथ इण्डिया के व्यापारियों को लाभ पहुंचाना था। 100 करोड़ का लाभ इस नीति के जरिए व्यापारियों को पहुंचाया गया। बदले मे 45 करोड़ रुपये की सहायता इन व्यापारियों ने गोवा चुनाव 2022 में आम आदमी पार्टी की करी थी। इस मुकदमा में प्रवर्तन निदेशालय ने AAP को भी आरोपी बनाया है।

