कांग्रेस और DMK के बीच सीट बंटवारे को लेकर इस दिन होगा फैसला
चेन्नई । आनें वाले लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी और डीएमके के बीच सीट बंटवारे को लेकर निर्णय रविवार तक हो जाएगा। हालांकि, यह निर्णय काफी पहले ही हो गया होता, लेकिन मगर डीएमके के रूख की वजह से ही इसमें विलंब हो गया।
कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, डीएमके 9 सीटों पर सहमत हो चुकी है, लेकिन तीन सीटों को लेकर परिवर्तन की आसार अभी भी बनी हुई है। हालांकि, जब डीएमके नेताओं से इस बारे में प्रश्न किया गया, तो उन्होंने खामोशी साध ली।
डीएमके और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की पार्टी कार्यालय में बैठक होगी। इस बैठक में अन्ना अरिवलयम, डीएमके के टी।आर। बालू और एस। दुरईमुरुगन सत्तारूढ़ दल का अगुवाई करेंगे, जबकि सेल्वापेरुन्थागई कांग्रेस पार्टी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
तमिलनाडु कांग्रेस पार्टी कमेटी (टीएनसीसी) के अध्यक्ष के। सेल्वापेरुन्थागई ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “हम चाहते हैं कि हमें वो सभी 9 सीटें मिले हैं, जिन पर हमने 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें एक सीट पुदुचेरी भी शामिल है।”
इस बीच, डीएमके के वरिष्ठ महासचिव और तमिलनाडु के जल कार्य मंत्री एस। दुरईमुरुगन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के माननीय सीएम थिरु एम।के। स्टालिन रविवार को सीटों के बंटवारे पर आखिरी निर्णय ले लेंगे। हम चुनाव प्रचार को आगे बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।”
डीएमके के सूत्रों के मुताबिक, स्टालिन कांग्रेस पार्टी के साथ जल्द से जल्द सीट शेयरिंग को लेकर आखिरी निर्णय ले लेना चाहते हैं, ताकि अन्य दलों के साथ भी सीट बंटवारे पर निर्णय लिया जा सके।
गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में डीएमके के नेतृत्व वाला धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन ने 39 में से 38 सीटों पर चुनाव लड़ा था। एकमात्र सीट जो मोर्चा हार गया वो थेनी थी, जहां कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता ई।वी।के।एस। इलांगोवन अन्नाद्रमुक के ओ।पी। रवींद्रनाथन से हार गए थे।

