Delhi Pollution : हवा की क्वालिटी सुधरने के बाद हट गया GRAP-3, जानें किन चीजों पर मिलेगी छूट…
5 जनवरी की शाम को, CAQM ने BS 3 पेट्रोल और BS 4 डीजल वाहनों पर प्रतिबंध हटाने के अपने निर्णय का घोषणा किया. दिल्ली में AQI के 339 पॉइंट पर पहुंचने के बाद यह निर्णय लिया गया, जिसे ‘बहुत खराब’ माना जाता है. GRAP चरणों के अनुसार, प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए दो सबसे चरम तरीका लागू किए जाते हैं. जिसमें डीजल से चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों सहित प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया जाता है. हाल के हफ्तों में दिल्ली का AQI ‘बहुत खराब’ या उससे अधिक रहा है, जिसके कारण CAQM ने तीन महीनों में तीन बार ये कठोर तरीका लाग
नए GRAP 3 मानदंडों के तहत, दिल्ली-एनसीआर में BS 3 पेट्रोल और BS 4 डीजल वाहनों का चलना प्रतिबंधित है. हालांकि, ये प्रतिबंध विकलांग यात्रियों पर लागू नहीं होते हैं. इस चरण के दौरान सभी गैर-जरूरी BS 4 डीजल से चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों को भी राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर चलने से प्रतिबंधित कर दिया गया है. प्रतिक्रिया योजना के GRAP चरण 2 में निजी BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल से चलने वाली कारों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध नहीं है.
दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त करने की योजना
केंद्रीय मत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में अगले पांच वर्षों में दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त करने का वादा किया है. उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी के परिवहन नेटवर्क को विकसित करने और आने वाले दिनों में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए 12,500 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है. उन्होंने कहा, “हमारी गवर्नमेंट इलेक्ट्रिक बसें, कार और स्कूटर लेकर आई, क्योंकि दिल्ली का 40 फीसदी प्रदूषण जीवाश्म ईंधन के कारण होता है. हम सीएनजी (वाहन) भी लेकर आए और हम 5 वर्ष में दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त कर देंगे.”
दिल्ली प्रदूषण: इन बातों को न करें नजरअंदाज
बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल कारों पर प्रतिबंध हटाने का मतलब यह नहीं है कि उत्सर्जन मानदंडों के अनुकूल सभी वाहनों को चलने की अनुमति दी जाएगी. 15 वर्ष से पुराने पेट्रोल वाहन और 15 वर्ष से पुरानी डीजल कारें दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की जांच के दायरे में रहेंगी. उन्हें बरामद किया जा सकता है और मालिकों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि जांच से बचने के लिए, वाहन मालिकों को वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र भी रखना चाहिए. जिसके न होने पर उन्हें 10,000 का जुर्माना देना पड़ सकता है.


