दिलीप घोष ने सनातन धर्म की रक्षा को बताया सर्वोपरि, सबसे की ये बड़ी डिमांड
पश्चिम बंगाल के ओल्ड मालदा के बुलबुली मोड़ पर बीजेपी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने क्षेत्रीय लोगों के साथ चाय पर चर्चा की. इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य गवर्नमेंट की नीतियों पर खुलकर बात की और सनातन धर्म की रक्षा के लिए लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया. सुबह सात बजे प्रारम्भ हुए इस कार्यक्रम में उन्होंने सबसे पहले बुलबुली मोड़ पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इसके बाद चाय की चुस्कियों के बीच उन्होंने आम लोगों से उनकी समस्याएं सुनीं और पार्टी की योजनाओं के बारे में बताया.

पश्चिम बंगाल के ओल्ड मालदा के बुलबुली मोड़ पर बीजेपी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने क्षेत्रीय लोगों के साथ चाय पर चर्चा की. इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य गवर्नमेंट की नीतियों पर खुलकर बात की और सनातन धर्म की रक्षा के लिए लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया.
सुबह सात बजे प्रारम्भ हुए इस कार्यक्रम में उन्होंने सबसे पहले बुलबुली मोड़ पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इसके बाद चाय की चुस्कियों के बीच उन्होंने आम लोगों से उनकी समस्याएं सुनी और पार्टी की योजनाओं के बारे में बताया.
इस अवसर पर उत्तर मालदा के बीजेपी सांसद खगेन मुर्मू, विधायक गोपाल साहा, कई बीजेपी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे. चर्चा के दौरान दिलीप घोष ने हाल ही में मोथाबाड़ी में हुई घटना का जिक्र किया. उन्होंने बोला कि जिस तरह रामनवमी के अवसर पर लोग एकजुट होकर सड़कों पर उतरे, उसी तरह सनातन धर्म को बचाने के लिए भी लोगों को एकजुट होना होगा. उन्होंने मौजूदा राज्य गवर्नमेंट पर निशाना साधते हुए बोला कि इसे सत्ता से हटाने की आवश्यकता है. घोष ने गंगा और महानंदा नदियों का जिक्र करते हुए लोगों से एकजुट होकर परिवर्तन लाने की अपील की.
दिलीप घोष ने शिक्षक भर्ती घोटाले का मामला भी उठाया. उन्होंने बोला कि 18 हजार शिक्षकों की जॉब जाने की सूची सामने आई है. इस मुद्दे को लेकर बीजेपी उच्चतम न्यायालय जाएगी और मांग करेगी कि योग्य उम्मीदवारों को जॉब दी जाए. उन्होंने आश्वासन दिया कि पार्टी इस मामले पर पीड़ित शिक्षकों के साथ खड़ी है और उनके अधिकार के लिए लड़ाई लड़ेगी.
कुछ लोगों ने बेरोजगारी और क्षेत्रीय स्तर पर विकास कार्यों की कमी का मामला उठाया. घोष ने उनकी बातें ध्यान से सुनीं और बोला कि बीजेपी उनकी आवाज को मजबूती से उठाएगी. इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्रीय लोगों में उत्साह दिखा. कई लोगों ने बोला कि इस तरह के आयोजन से नेताओं और आम जनता के बीच संवाद बढ़ता है.
यह आयोजन बीजेपी के लिए क्षेत्रीय स्तर पर समर्थन जुटाने का एक कोशिश बताया जा रहा है. दिलीप घोष ने बोला कि पार्टी जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने और निवारण करने के लिए प्रतिबद्ध है.

