मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा इंडिया गठबंधन के नेताओं के लिए डिनर का किया गया आयोजन
नई दिल्ली,. राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष . इसके पहले गठबंधन के नेताओं ने संसद से चुनाव आयोग तक पैदल मार्च कर विरोध प्रदर्शन किया. विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग और गवर्नमेंट पर गंभीर इल्जाम लगाए.
कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “जिन लोगों को कांग्रेस पार्टी पर विश्वास नहीं था या जो कांग्रेस पार्टी के अनुयायी नहीं हैं, वे भी राष्ट्र भर में हो रहे इस मतदाता फर्जीवाड़ा पर चर्चा और चिंतन करने लगे हैं.“
खड़गे ने कहा, “हमने पहले ही अपनी बात रख दी थी. आप सभी जानते हैं कि हमें वहां जाने नहीं दिया गया क्योंकि बहुत लोग आ गए थे और उनके पास कोई उत्तर नहीं था. हमने बोला कि एक बड़ा हॉल मौजूद कराएं, हम वहां अपनी बात रखेंगे और आपको बताएंगे कि क्या कमी है. लेकिन उन्होंने किसी को नहीं बुलाया, बल्कि बोला कि चुनिंदा लोगों को भेजो. यदि हमने चुनिंदा लोगों को भेजा होता, तो भिन्न-भिन्न पार्टियों के सदस्य नाराज हो जाते.”
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, “राहुल गांधी ने सबूत दिया है. एक विपक्षी नेता के रूप में उन्होंने ऐसा प्रमाण पेश किया है जिसे नकारा नहीं जा सकता. आज आपने देखा होगा कि राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद देशभर में जनजागृति आई है. लोग सावधान हो गए हैं और स्वयं चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जा रहे हैं.”
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, “आज सुबह चुनाव आयोग तक मार्च में आपने इण्डिया गठबंधन की एकजुटता देखी. यह एकता अब पक्की हो चुकी है, और इसका मकसद है लोकतंत्र की रक्षा करना और राष्ट्रीय चर्चा में वास्तविक मुद्दों को लाना है.”
कांग्रेस सांसद गुलाम अहमद मीर ने कहा, “हमें लगता है कि अब चुनाव आयोग को अपराधबोध हो रहा है. आयोग की जिम्मेदारी हमेशा से मुक्त और निष्पक्ष चुनाव कराना रही है, जो हमारे लोकतंत्र की परंपरा और अपेक्षा है. लेकिन पिछले 8-10 वर्षों में कई रिपोर्टें सामने आई हैं. केवल चार दिन पहले राहुल गांधी ने बड़ी मेहनत के बाद इसका एक नमूना पेश किया. यदि यह जांच आगे बढ़ी, तो भगवान ही जानता है कि और क्या सामने आएगा.”
समाजवादी पार्टी सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी ने कहा, “चुनाव आयोग किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं देता. हमारी पार्टी की ओर से 18,000 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन एक का भी उत्तर नहीं आया.”
समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, “सब कुछ गवर्नमेंट के इशारे पर हो रहा है. गवर्नमेंट और चुनाव आयोग मिलकर लोकतंत्र समाप्त करने का काम कर रहे हैं. लेकिन हम तय कर चुके हैं कि किसी भी हालत में लोकतंत्र को समाप्त नहीं होने देंगे.”
राजद सांसद मीसा भारती ने कहा, “प्रदर्शन के दौरान सांसदों के साथ बदसलूकी हुई और तीन स्त्री सांसद बेहोश हो गईं. चुनाव आयोग मिलना नहीं चाहता. मेरा मानना है कि चुनाव आयोग किसी न किसी तरह गवर्नमेंट के दबाव में काम कर रहा है.”

