राष्ट्रीय

जिला प्रशासन ने कोटा केयर्स कैपेंन के तहत कोचिंग सेंटर्स और हॉस्टल्स के लिए जारी की नई गाइडलाइंस

कोटा में 2025-26 के नए अकेडमिक सेशन से पहले जिला प्रशासन ने कोटा केयर्स कैपेंन के अनुसार कोचिंग सेंटर्स और हॉस्टल्स के लिए नयी गाइडलाइंस जारी की हैं. ये गाइडलाइंस कोटा में स्टूडेंट्स के खर्च को कम करने के लिए बनाई गई हैं.

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कोटा में अभी तक 7 स्टूडेंट्स सुसाइड कर चुके हैं

जिला प्रशासन का ये निर्णय इस वर्ष कोटा में हो चुके 7 स्टूडेंट सुसाइड के मामलों के बाद आया है. गौर करने की बात ये है कि ये सभी सुसाइड लटककर फांसी लगाने से हुए हैं. 2024 में 17 जबकि 2023 में 26 बच्‍चों ने कोटा में सुसाइड किया था. इन सब में अब तक सिर्फ़ 1 ही ऐसा मुद्दा सामने आया है, जिसमें छात्रा की जान एंटी हैंगिंग डिवाइस की वजह से बची है.

पखें से फांसी लगाई, एंटी हैंगिंग डिवाइस फेल

सुसाइड के इन सभी 7 मामलों में सुसाइड फांसी लगाकर की गई है. इनमें 19 वर्ष के नीरज जाट ने जिस पंखे से फांसी लगाई उसमें एंटी-हैंगिंग डिवाइस भी लगा हुआ था लेकिन फिर भी नीरज की जान नहीं बच सकी. पुलिस का बोलना है कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि नीरज ने पंखे के कुंडे से फांसी लगाई थी.

वहीं नानी के घर में फांसी लगाने वाले मनन जैन ने खिड़की के एंगल से फांसी लगाई थी. तो इसमें एंटी-हैंगिंग डिवाइस का कोई मतलब ही नहीं रहा. बाकी के सभी सुसाइड पंखे से फांसी लगाकर की गईं जहां एंटी-हैंगिंग डिवाइस था ही नहीं.

ऐसे में यहां दो प्रश्न खड़े होते हैं…

  • क्या एंटी-हैंगिंग डिवाइस सुसाइड प्रिवेंशन में फेल साबित हुआ है?
  • हॉस्टल जैसी फैसिलिटी में आखिर एंटी-हैंगिंग डिवाइस क्यों नहीं था?

2024 में 17 स्टूडेंट सुसाइड, 2023 में 26

बात पिछले वर्षों की करें कि तो वर्ष 2024 में कोटा में रहने वाले 17 स्टूडेंट्स ने सुसाइड किया था. पिछले वर्ष जनवरी के महीने में 2 और फरवरी के महीने में 3 सुसाइड हुए थे. वहीं वर्ष 2023 में कोटा में स्टूडेंट सुसाइड के कुल 26 मुद्दे सामने आए थे.

लेकिन इस वर्ष के आंकड़े पर नजर डालें तो ये चौकाने वाला है. आखिर क्यों वर्ष प्रारम्भ होते ही एक के बाद एक स्टूडेंट्स सुसाइड कर रहे हैं? क्या एग्जाम का डर इसकी वजह हो सकती है?

2024 में कोचिंग सेंटर्स के लिए गाइडलाइंस, पर नही रुके सुसाइड

स्टूडेंट्स की खुदकुशी के बढ़ते मामलों, कोचिंग सेंटर्स में आग की घटनाओं और कोचिंग सेंटर्स में सुविधाओं की कमी को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने कोचिंग इंस्टीट्यूट्स के लिए गाइडलाइंस जारी की.

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