सड़क निर्माण के सम्पन्न होने के बाद भी अधूरा है डिवाइडर का काम
नगर निगम बैठक भवन मैट्रो चौक से ईएसआई चौक को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण हुए दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद प्रशासन ने अभी तक खाली स्थान पर डिवाइडर नहीं बनवाया. सड़क के बीच डिवाइडर न होने से बीते 23 जनवरी को एक सड़क हादसे में दो युवकों की मृत्यु हो गई थी. उस समय पुलिस ने ट्रैक्टर चालक पर मुद्दा दर्ज कर अपनी प्रक्रिया पूरी कर दी. आसपास के लोगों का बोलना था कि यदि सड़क के बीच डिवाइडर होता तो शायद युवकों की जान बच सकती थी, लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया.

सड़क का निर्माण कार्य पूरा दिखा कर निगम ने ठेकेदार को पैमेंट कर दी है. न तो ठेकेदार ने काम किया और न ही नगर निगम ने ध्यान दिया. ऐसे में यहां आए दिन कोई न कोई दोपहिया वाहन चालक गिरता रहता है और चोटिल होता रहता है.
बीते 23 जनवरी को 17 वर्षीय जीशान उर्फ टुकटुक और शिवम स्कूटी पर किसी काम से निकले थे. जब वे सड़क पर जा रहेे थे तो दूसरी तरफ से आ रहे ट्रैक्टर ने डिवाइडर न होने के कारण भिड़न्त मार दी. इससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई थी.
दशहरा ग्राउंड के गेटों पर ताले लगाकर की खानापूर्ति
निगम प्रशासन द्वारा दशहरा मैदान के गेटों पर लगवाए गये ताले. -हप्रदुर्घटनाओं पर रोक लगाने के मद्देनजर पुलिस और निगम प्रशासन ने दशहरा ग्राउंड में उपस्थित तीन दरवाजों पर ताला लगवा दिया और बोला कि यहां से वाहन चालक निकलकर अचानक से सड़क पार करते हैं, तो उससे हादसे होते हैं. जबकि सबसे बड़ा कारण सड़क के बीच में डिवाइडर न होना है.
सड़क की बनावट पर उठाये सवाल
समाजसेवी एवं आईटीआई कार्यकर्ता विष्णु गोयल ने प्रश्न उठाए कि नगर निगम ने इस सड़क का टेंडर दो ठेकेदारों को दिया था. इस सड़क के हिस्से को बनाने में उन्होंने कई महीने लगाये. अब सड़क बनकर तैयार हो गई लेकिन बीच में डिवाइडर ही नहीं बनाया गया. सड़क के बीच का हिस्सा ऊंचा-नीचा होने के कारण वाहन चालकों को परेेशानी होती है. रात के समय डिवाइडर न होने के कारण बने गड्ढ़े दिखाई ही नहीं देते और हादसे हो जाते हैं.

