राष्ट्रीय

आरजी कर मामला: लगातार प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने सीबीआई की चार्जशीट पर उठाए सवाल

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के सरकारी अस्पतालों के प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टरों ने मंगलवार को इल्जाम लगाया कि आरजी कर हॉस्पिटल में उनकी सहकर्मी की मर्डर एवं दुष्कर्म मुद्दे में CBI की ओर से दाखिल चार्जशीट में कई खामियां हैं.

518dfbd0 8542 11ef 81ed aff3b9114853. Jpg

WhatsApp Group Join Now

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जूनियर डॉक्टरों के संगठन पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट (डब्ल्यूबीजेडीएफ) ने फोरेंसिक जांच के लिए क्राइम स्थल से नमूने भेजने में अधिक देरी होने का दावा करते हुए उत्तर मांगा है.

प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधि ने चार्जशीट में जरूरी मुद्दों पर जवाबों की कथित कमी का जिक्र करते हुए पूछा, सबूत एकत्र करने की तिथि से लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजने में पांच दिन क्यों लगे?

आंदोलनकारी डॉक्टरों ने मुख्य आरोपी संजय रॉय के विरुद्ध पिछले महीने दाखिल एजेंसी के पहले आरोपों पर प्रश्न उठाए हैं. 11 नवंबर को CBI की विशेष न्यायालय में सुनवाई होनी है.

सोमवार को कोलकाता की विशेष न्यायालय में मुद्दे में इल्जाम तय करने की प्रक्रिया पूरी हो गई.

डब्ल्यूबीजेडीएफ ने यह भी इल्जाम लगाया कि चार्जशीट में 9 अगस्त को सुबह 3.36 बजे से 4.03 बजे के बीच 27 मिनट की अवधि के दौरान आरोपी संजय रॉय की गतिविधियों के बारे में कोई विवरण नहीं दिया गया है. बता दें कि 9 अगस्त की तड़के पीड़िता का मृतशरीर आरजी कर हॉस्पिटल परिसर में सेमिनार हॉल से बरामद किया गया था.

यह भी इल्जाम लगाया कि चार्जशीट में पीड़िता के शरीर पर पाए गए स्टिकी व्हाइट फ्लूइड के बारे में कुछ भी जिक्र नहीं किया गया है. डब्ल्यूबीजेडीएफ ने बोला कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तरल पदार्थ (फ्लूइड) के होने का जिक्र किया गया था, लेकिन CBI की चार्जशीट में यह नहीं कहा गया है कि इसे डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया था या नहीं.

डब्ल्यूबीजेडीएफ ने दावा किया कि CBI की ओर से दाखिल पहली चार्जशीट कोलकाता पुलिस के निष्कर्षों पर आधारित लगती है. कलकत्ता उच्च न्यायालय की ओर से मुद्दा एजेंसी को सौंपे जाने से पहले कोलकाता पुलिस ने इसकी शुरुआती जांच की थी.

हजारों आम लोगों के साथ डब्ल्यूबीजेडीएफ के प्रतिनिधि पीड़िता के लिए जल्द इन्साफ की मांग को लेकर कोलकाता के उत्तरी बाहरी क्षेत्र में CBI के साल्ट लेक कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

Back to top button