बादल सिंह हत्याकांड के आरोपी डीएसपी आदिल बिलाल और उनके बॉडी गार्ड पर चलेगा हत्या का मुकदमा
सासाराम। रोहतास जिले के सासाराम में 27 दिसंबर 2024 की रात बादल सिंह हत्याकांड के आरोपी डीएसपी आदिल बिलाल और उनके बॉडी गार्ड पर मर्डर का केस चलेगा। CBI ने तीन एफआईआर दर्ज कर इस मुद्दे का अनुसंधान प्रारम्भ कर दिया है। इस मुकदमा में CBI ने सासाराम के तत्कालीन डीएसपी आदिल बिलाल और उनके बॉडीगार्ड को नामजद और अज्ञात के विरुद्ध मर्डर और मर्डर के कोशिश की प्राथमिकी दर्ज की है। बता दें कि इस हत्याकांड को लेकर डीसीपी आदिल बिलाल की किरदार पर काफी प्रश्न उठे थे। डीएसपी आदिल बिलाल की गोलीबारी में राणा ओमप्रकाश की मृत्यु और दो अन्य युवकों के घायल होने की घटना ने तूल पकड़ा तो यह मुद्दा पटना उच्च न्यायालय पहुंचा। तब पटना उच्च न्यायायल ने सासाराम पुलिस की पक्षपातपूर्ण जांच पर नाराजगी जताई और CBI को जांच सौंप दी थी। अब जाकर CBI ने तीन एफआईआर दर्ज कर जांच प्रारम्भ की है।

क्या था बादल हत्याकांड का मामला?
पुलिस ने उलटा इल्जाम लगा दिया
पटना उच्च न्यायालय ने किया हस्तक्षेप
जब यह मुद्दा पटना उच्च न्यायालय पहुंचा तो हाई कोर्ट इस मुद्दे में कठोर रुख अपनाया। जस्टिस संदीप कुमार ने बिहार पुलिस पर जांच को गलत दिशा में ले जाने का इल्जाम लगाया। न्यायालय ने बोला कि डीएसपी और उनके बॉडीगार्ड को बचाने की प्रयास की जा रही है। 30 जुलाई 2025 को न्यायालय ने CBI को जांच सौंपने का आदेश दिया और सात दिनों में डीएसपी और बॉडीगार्ड की गिरफ्तारी का निर्देश दिया। न्यायालय ने यह भी प्रश्न उठाया कि क्या पुलिस ऑफिसरों के लिए कानून अलग है?
सीबीआई की कार्रवाई
पुलिस पर पक्षपात का आरोप
इस घटना ने सासाराम में भारी आक्रोश पैदा किया। मृतक के परिजनों और क्षेत्रीय लोगों ने पुलिस की किरदार पर प्रश्न उठाए। अब जाकर पटना उच्च न्यायालय ने भी माना कि पुलिस ने आरंभ से ही जांच को गलत दिशा में ले जाने की प्रयास की। पटना उच्च न्यायालय ने पुलिस की पक्षपातपूर्ण जांच पर नाराजगी जताई और CBI को जांच सौंपी। CBI ने तीन एफआईआर दर्ज कर जांच प्रारम्भ की।

