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इन उद्देश्यों के चलते काशी में 5 दिवसीय यात्रा पर पहुंचे संघ प्रमुख

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डाक्टर मोहन भागवत पांच दिनो के काशी प्रवास पर पहुंचे. इस यात्रा के दौरान वह श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में मत्था टेकेने संग देश निर्माण के विषय पर बीएचयू में आईआईटीयंस से संवाद भी करेंगे. संघ प्रमुख जिलावार और विभाग प्रचारकों के साथ बैठक करेंगे. ये बैठकें पूरे दिन के लिए प्रस्तावित हैं.

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4 अप्रैल को मोहन भागवत सुबह शाखा में शामिल होंगे उसके उपरांत वह विभिन्न बैठ करेंगे और शाम को आईआईटी बीएचयू में आयोजित शाखा में शामिल होंगे. अनुमान जा रहा कि आईआईटीयंस और प्रोफेसर से भी संवाद करेगे.

मोहन भागवत के दौरे को देखते हुए आईआईटी बीएचयू में सुरक्षा के पुख्ता व्यवस्था किए गये हैं. उनका आयोजन NCC कार्यालय के ग्राउंड में प्रस्तावित है.

पांच अप्रैल को वो श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे. इसके बाद वे काशी के प्रबुद्धजन संग भी भिन्न-भिन्न बैठक कर संवाद करेंगे. छह अप्रैल को संघ प्रमुख मलदहिया लाजपत नगर जाएंगे और शाखा में शामिल होंगे.

इसके बाद शहर के प्रबुद्ध जनों से मिलेंगे. शाम को प्रांत टोली के साथ बैठक करेंगे. सात अप्रैल को लखनऊ के लिए प्रस्थान करने से पहले काशी प्रांत के अनुभवी कार्यकर्ताओं की टोली के साथ बैठक कर उनका मार्गदर्शन करेंगे.

1.शताब्दी साल की आरंभ विजयादशमी 2025 के अवसर पर होगी, जिसमें गणवेश (संघ गणवेश) में स्वयंसेवकों के मंडल, खंड/नगर स्तर के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. हर साल की तरह इस अवसर पर सरसंघचालक जी स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे.

2.नवंबर 2025 से जनवरी 2026 तक तीन हफ्ते तक बड़े पैमाने पर घर-घर संपर्क अभियान की योजना बनाई गई है, जिसका विषय “हर गांव, हर बस्ती, घर-घर” होगा. संपर्क के दौरान संघ साहित्य वितरित किया जाएगा और क्षेत्रीय इकाइयों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

3. सभी मंडलों और बस्तियों में हिन्दू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिसमें बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक के जीवन में एकता और सद्भाव, देश के विकास में सभी का सहयोग और पंच बदलाव में प्रत्येक आदमी की भागीदारी, का संदेश दिया जाएगा.

4. खंड/नगर स्तर पर सामाजिक सद्भाव बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिसमें एक साथ मिलकर रहने पर बल दिया जाएगा. इन बैठकों का उद्देश्य सांस्कृतिक आधार और हिन्दू चरित्र को खोए बिना आधुनिक जीवन जीने का संदेश देना होगा. उन्होंने महाकुम्भ का उदाहरण दिया, जहां सभी क्षेत्रों के लोग एक साथ आए थे.

6.जिला स्तर पर प्रमुख नागरिक संवाद आयोजित किए जाएंगे. इन कार्यक्रमों में राष्ट्रीय विषयों पर ठीक विमर्श स्थापित करने और आज प्रचलित गलत विमर्श को दूर करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

6. युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम प्रांतों द्वारा आयोजित किए जाएंगे. 15 से 30 साल की उम्र के युवाओं के लिए देश निर्माण, सेवा गतिविधियों और पंच बदलाव पर केंद्रित कार्यक्रम किए जाएंगे. क्षेत्रीय इकाइयां जरूरत के मुताबिक कार्यक्रमों की योजना बनाएंगी.

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