एनआरएचएम घोटाले में ED ने मांगे प्रमोद सिंह से जुड़े सभी कागजात

प्रमोद के अतिरिक्त 25 रडार पर:
एसीबी सूत्रों ने कहा कि प्रमोद सिंह ने पद पर रहते हुए सरकारी राशि का दुरुपयोग किया है। सरकारी एकाउंट होने के बावजूद उन्होंने अपने मोबाइल पर नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सुविधा एक्टिवेट कर ली। इस दौरान जो भी धनराशि मिलती थी, उसे वह कई लोगों को भेज देता था. इस खाते से करीब 22 से 25 लोगों के खाते में पैसे ट्रांसफर किये गये हैं। उन सभी की जांच की जा रही है।: एसीबी की टीम ने घटना के समय जांच कर रहे तीन ऑडिटरों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें से एक रिटायर हो चुके हैं। दूसरा हज़ारीबाग़ में है। तीसरा ऑडिटर झारखंड में ही काम करता है। इस मुद्दे में बैंक कर्मचारियों और ऑफिसरों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। 2016 में हुआ खुलासा : धनबाद एसीबी की टीम ने सबसे पहले जून 2016 में प्रमोद सिंह के घर पर छापेमारी की थी। इस बीच टीम को करोड़ों रुपये की संपत्ति का पता चला है। छापेमारी का नेतृत्व एसीबी के तत्कालीन एसपी सुदर्शन प्रसाद मंडल ने किया था। धनबाद में संविदा कर्मचारी के घर आय से अधिक संपत्ति मुद्दे में एसीबी की यह पहली कार्रवाई है। इस बीच टीम ने प्रमोद सिंह के धनबाद स्थित घर से कई तरह के डॉक्यूमेंट्स बरामद किये थे। प्रमोद के पिता के रघुनाथ नगर स्थित घर पर भी छापेमारी की गयी।

